व्याकरण भाग कक्षा आठवीं हिंदी (द्वितीय भाषा)
लहर – तरंग, हिलोर, विचि नैया – नौका, किश्ती,नाव
कोशिश – प्रयास, प्रयत्न, कोशिश सिंधु – समुद्र, सागर, जलधि
उत्साह – साहस, जोश, हिम्मत हाथ – कर,हस्त, पंजा
संघर्ष – टकराव, युद्ध, लड़ाई हिम्मत – जोश, साहस, हौंसला
तड़ित – चपला, बिजली, विद्युत गगन – आकाश, नभ, अंबर
खुशी – प्रसन्नता, हर्ष, उल्लास घन – बादल, मेघ
पुष्प – फूल, सुमन भाई – भ्राता, सहोदर
संसार – जग, विश्व, दुनिया, पथ – रास्ता, राह, मार्ग
ईश्वर – परमात्मा, प्रभु प्रभात – सवेरा, दिन
रात – रात्रि, निशा नदी – सरिता, नद, तरणि
चरण – पैर, पाँव धरती – धरा, पृथ्वी
किताब – पोथी, पुस्तक झण्डा – ध्वज, पताका
आज्ञा – आदेश, हुक्म अमन – शान्ति, चैन,
पुरसकार – पुरस्कार मरितयु – मृत्यु कानुन – कानून
राखीयां – राखियाँ विशमता – विषमता पुश्प – पुष्प
प्रन – प्रण चुनोती – चुनौती बुराईयाँ – बुराइयाँ
परणाली – प्रणाली परदर्शनी – प्रदर्शनी पराचार्य – प्राचार्य
वृदधी – वृद्धि जिंदाबाद – ज़िन्दाबाद भुमिका – भूमिका
प्रत्येक शब्द के आगे लिखो यह कौन सी संज्ञा है?
शेर – जातिवाचक संज्ञा शकटार – व्यक्तिवाचक संज्ञा
लज्जा – भाववाचक संज्ञा पिंजरा – जातिवाचक संज्ञा
गर्मी – भाववाचक संज्ञा गुस्सा – भाववाचक संज्ञा
किशोर – व्यक्तिवाचक संज्ञा दूत – जातिवाचक संज्ञा
पानी – जातिवाचक संज्ञा मंदिर – जातिवाचक संज्ञा
इन वाक्यों में सर्वनाम शब्द छाँटकर सामने :-
निम्नलिखित वाक्यों में से सर्वनाम तथा विशेषण शब्द छांट कर लिखें ।
2. तुम्हें पता चल जायगा। (तुम्हें – सर्वनाम)
3. मैं आपको गाडी में बैठाकर आता हूँ । (मैं- सर्वनाम)
4. उसने कहा,“ आपकी गाड़ी का समय होने वाला है ” । (उसने, आपकी – सर्वनाम)
5. उसे कन्हैया नगर स्टेशन से अधिकारियों ने हमारे आने की सूचना पहले ही दे दी थी । (उसे, हमारे – सर्वनाम)
6. वे निपुण परीक्षक के रूप में प्रसिद्ध हो गए । (वे- सर्वनाम / निपुण, परसिद्ध – विशेषण)
7. वे अटूट साहस वाले व्यक्ति थे । (वे- सर्वनाम / अटूट – विशेषण)
8. उनका ध्येय राष्ट्रीय पुरस्कार या सम्मान पाना ही नहीं था । (उनका- सर्वनाम / राष्ट्रीय -विशेषण)
9. पिता को उनका दाखिला चार वर्ष की आयु में ही प्रथम कक्षा में करवाना पड़ा । (उनका- सर्वनाम / चार, प्रथम – विशेषण)
10. उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुँचाने का कार्य स्काड्रन लीडर अनिल शर्मा ने कर दिखाया । (उन्हें-सर्वनाम/ सुरक्षित, स्काड्रन- विशेषण)
निम्नलिखित वाक्यों में रेखांकित पदों में कारक बतायें:–
(ख) आज हम सभी मेट्रो रेल के द्वारा जायेंगे। (करण कारक)
(ग) प्रतिभा खिड़की वाली सीट पर बैठ गयी । (अधिकरण कारक)
(घ) सभी स्वचालित सीढ़ियों के द्वारा भूमिगत प्लेटफार्म पर पहुंच गये । (करण कारक)
(ङ) गुरु जी ने बच्चों को बड़े प्यार से समझाया । (कर्ता कारक)
(च) हमने राष्ट्रीय खेलों में भाग लिया । (अधिकरण कारक)
दिए गये संज्ञा शब्दों के लिए सही विशेषण शब्द चुनकर लिखें :-
रंग बिरंगे, पतली, चंचल, हरे-भरे, नोकीले, ऊँची, मेरी, गोल
हरे-भरे – पेड़ पतली – रस्सी नोकीले – पर
चंचल – चिड़िया गोल – डिब्बे ऊँची – डाली
मेरी – ननद रंग-बिरंगे – फूल
निम्नलिखित वाक्यों में क्रिया विशेषण शब्द छाँटकर सामने लिखें:-
मैं जल्दी-जल्दी काम निपटा कर उसी चौराहे पर पहुँची। जल्दी-जल्दी
वह मेरी तरफ एकटक देखने लगा। एकटक
वह गाड़ी के पास आकर झट से बोला। झट से
मैं कल आऊँगी। कल
वह उधर बैठी है। उधर
निम्नलिखित वाक्यों में क्रिया विशेषण को रेखांकित करके उसका भेद भी लिखें-
(क) ये लोग क्यों धीरे धीरे चल रहे हैं? रीतिवाचक क्रिया विशेषण
(ख) इधर दुकानों की कतार लगी हुई है। स्थानवाचक क्रिया विशेषण
(ग) आज ईद आ गई। कालवाचक क्रिया विशेषण
(घ) उसने कुछ नहीं खाया। परिमाणवाचक क्रिया विशेषण
(ङ) वह ज़ोर से चिल्लाया। रीतिवाचक क्रिया विशेषण
नीचे लिखे वाक्यों में क्रियाएँ अकर्मक हैं अथवा सकर्मक:-
(2) अमीना ने छाती पीट ली। (सकर्मक)
(3) वह रोने लगी। (अकर्मक)
(4) लोग आपस में गले मिल रहें हैं। (सकर्मक)
(5) ईदगाह जाने वोलों की टोलियाँ नज़र आने लगीं। (सकर्मक)
(6) बच्चों के लिए नगर की सारी चीज़ें अनोखी थीं। (सकर्मक)
(7) स्कूल में वह सभी अध्यापकों की चहेती थी। (सकर्मक)
(8) आसमान में विमानों को उड़ता देख वह उनकी ओर आकर्षित हो जाती थी। (अकर्मक)
(9) वह स्नातकोतर की डिग्री लेने के लिए अमेरिका पहुँच गयी । (सकर्मक)
(10) कल्पना ने 19 नवम्बर, सन् 1997 को अन्तरिक्ष में अपनी पहली उड़न भरी। (सकर्मक)
(11) प्रत्येक मनुष्य सपने देखता है। (अकर्मक)
(12) बड़े होने पर कल्पना ने अपने सपने को साकार कर दिखाया। (सकर्मक)
(13) नासा ने उसे एक बार फिर अन्तरिक्ष यात्रा के लिए चुना। (सकर्मक)
लिंग बदले
सम्राट – सम्राज्ञी शेर – शेरनी महाराज – महारानी
बूढ़ा – बुढ़िया लड़की – लड़का दादा – दादी
धोबिन – धोबी ऊँट – ऊँटनी छात्रा – छात्रा
अध्यापक – अध्यापिका शिष्य – शिष्या नायक – नायिका
सुत – सुता सेवक – सेविका प्रिय – प्रिया
गायक – गायिका लेखक – लेखिका
वचन बदलें
पिंजरा – पिंजरे सभा – सभाएँ मूर्ति – मूर्तियाँ
यह – ये बूँद – बूँदें मंदिर – मंदिरों
खेल – खेलों पंकित – पक्तियाँ वृद्ध – वृद्धों
सीढ़ी – सीढ़ियाँ स्टेशन – स्टेशनों खिड़की – खिड़कियाँ
बंदूक – बंदूकें चिमटा – चिमटे पैसा – पैसे
आलोचना – आलोचनाएँ खिलौना – खिलौने टोली – टोलियाँ
रेखांकित शब्दों के वचन बदलकर वाक्य पुनः लिखें:-
सड़कों को लोहे के गेटों द्वारा बन्द किया गया है।
(ख) चारों ओर कँटीली तारलगी हुई है
उत्तर- चारों ओर कँटीली तारें लगी हुई हैं।
(ग) वह अपने भावों को नृत्य द्वारा प्रकट करता है।
उत्तर- वे अपने भावों को नृत्य द्वारा प्रकट करते हैं।
(घ) अपने-अपने देश के झण्डे उतार लेते हैं।
उत्तर- अपने-अपने देशों के झण्डे उतार लेते हैं।
विपरीत शब्द
मेहनत -आलस्य विश्वास – अविश्वास
सफल – असफल
हार – जीत साहस – कायरता
पुराना – नया अनेक – एक
असफल – सफल धरती – आकाश
अ+सुविधा – असुविधा अ + सुर – असुर
अ+सहयोग – असहयोग अ + भिन्न – अभिन्न
धरती – आसमान अमावस – पूर्णिमा
पराधीनता – स्वाधीनता अमंगल – मंगल
कठोर – कोमल मुक्ति – बंधन
परिचित – अपरिचित धूप – छाया
मुक्त – गुलाम बंधन – मुक्त
निर्माण – ध्वंस / नाश जय – पराजय
अ + साधारण – असाधारण अ + टूट – अटूट
अ + समय – समय अ + थक – अथक
अ + सफल – असफल अ + न्याय – अन्याय
अ + संयम – असंयम अ + शुभ – अशुभ
अ + धर्म – अधर्म अ + विश्वास – अविश्वास
नाराज़गी – प्रसन्नता अपनापन – परायापन
इन्कार – इकरार साकार – निराकार
बदकिस्मत – खुशकिस्मत सहमति – असहमति
विश्वास – अविश्वास सफल – असफल
विवेक – अविवेक आगे – पीछे
धीरे – तेज़ धूप – छाँव
वरदान – अभिशाप जीवन – मरण
स्वीकार – अस्वीकार प्रेम – घृणा
विशेषण बनायें :-
अनुमान – अनुमानित सुरक्षा – सुरक्षित
परिचय – परिचित आशंका – आशंकित
स्थापना – स्थापित केंद्र – केंद्रीय
रेखांकन – रेखांकित आकर्षण – आकर्षित
उत्साह – उत्साहित प्रोत्साहन – प्रोत्साहित
इतिहास – ऐतिहासिक व्यापार – व्यापारिक
परस्पर – पारस्परिक भारत – भारतीय
राष्ट्र – राष्ट्रीय
अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लिखें :-
देखने वाला दर्शक
समय का अभाव समयाभाव
जिसकी जानकारी हो चुकी हो परिचित, ज्ञात
जिसकी जानकारी न हो अपरिचित, अज्ञात
पक्षी जगत की जानकारी रखने वाला पक्षी विशेषज्ञ, पक्षीविद्
बिना पलक झपकाए अपलक
देश की रक्षा के लिए कुर्बान होना कुर्बानी, शहादत, शहीदी
कभी ना थकने वाला अथक
जिसे किसी का डर ना हो निडर
अपने आप पर भरोसा होना आत्मविश्वास
वायुयान चलाने वाला वायुयान चालक
समय से पूर्व असमय
बचपन की ज़िद्द बालहठ
घुसपैठ करने वाला घुसपैठिया
जिसका पार ना हो अपार
किसी का उत्साह बढ़ाना उत्साह वर्धन
बिना स्वार्थ के ` नि:स्वार्थ
माँ का बच्चे के प्रति प्यार वात्सल्य
अच्छा व्यवहार सद्व्यवहार
निम्नलिखित में से काल को पहचान कर लिखिए :-
(1) दीदी, आओ! आपको कुछ दिखाती हूँ। (वर्तमान काल)
(3) यह भी एक दिन उस चिड़िया की तरह उड़ जाएगी। (भविष्य काल)
(4) अनेक चिड़ियों को फुदकता देखकर हम अपनी चिड़िया पहचान लेते थे। (भूतकाल)
विराम चिन्ह लगाएं:-
किशोर ने मुस्कुराते हुए कहा, “वह देखिए, महामंत्री।”
(2) शेर को कौन बाहर निकाल सकता है सहसा सम्राट ने गुस्से से कहा।
“शेर को कौन बाहर निकाल सकता है?” सहसा सम्राट ने गुस्से से कहा।
(3) किशोर ने सिर झुका कर कहा महाराज शेर पिंजरे से बाहर आ गया है।
किशोर ने सिर झुका कर कहा, “महाराज! शेर पिंजरे से बाहर आ गया है।”
(4) बच्चो आप सब कैसे हो
बच्चो! आप सब कैसे हो ?
(5) क्या आपको इसका पूरा नाम पता है।
क्या आपको इसका पूरा नाम पत्ता है ?
(6) हाँ सावधानी ज़रूर रखनी होगी
हाँ, सावधानी ज़रूर रखनी होगी ।
(7) ओ शरारती वहाँ इस तरह की फिल्में नहीं होतीं
ओ शरारती ! वहाँ इस तरह की फिल्में नहीं होती ।
(8) दीपशिखा पढ़ाई के साथ साथ संगीत खेलकूद ज्ञान विज्ञान में सब से आगे रहती थी
दीपशिखा पढ़ाई के साथ-साथ संगीत, खेलकूद, ज्ञान-विज्ञान में सब से आगे रहती थी।
कोष्ठक में से उचित विस्मयादिबोधक शब्द लेकर रिक्त स्थान भरें:-
हाँ ! तुमने ठीक पहचाना। (उफ, हाँ)
उफ ! बड़े दुःख की बात है। (अहा, उफ )
अच्छा ! हम तुम्हारा इन्तज़ार करेंगें। (हाय, अच्छा)
वाह ! बहुत अच्छा किया। (वाह, आह)
निम्नलिखित वाक्यों में उचित योजक चिह्न लगाकर वाक्य पूरे करें:-
(2) अगर वह चिमटा ले जाकर दादी को दे दे तो कितनी प्रसन्न होगी। (अगर…तो/ यद्यपि… तथापि)
(3) हामिद बड़ा चालाक है इसलिएअपने पैसे बचा कर रखे थे। (इसलिए /परन्तु)
(4) वे बार-बार अपनी जेबों से अपना खज़ाना निकाल कर गिनते हैं और खुश होकर फिर रख लेते हैं। (या /और)
(5) हामिद ने चिमटे को इस तरह कन्धे पर रखा मानो बंदूक हो। (मानो/ताकि)
(6) अमीना हामिद की आवाज़ सुनते ही दौड़ी और उसे गोद में उठाकर प्यार करने लगी। (या /और)
(7) तुम्हारी उँगलियाँ तवे से जल जाती थीं इसलिए मैंने इसे लिया। (क्योंकि /इसलिए)
(8) यदि उन्होंने अनुमति दी तो हम साइंस सिटी देखने कपूरथला जायेंगे। (यद्यपि…..तथापि, यदि……तो)
(9) ऐसा लगता है मानोसब कुछ आपके पास हो रहा है। (ताकि, मानो)
(10) इनके मुँह में हाथ मत डालना नहीं तो दुर्घटना हो सकती है।(नहीं तो, यानि)
(11) यहां 3ड़ी में एक खास तरह का चश्मा पहनकर शो देखा जाता है जिससे कि दूर स्क्रीन पर दिखाए जा रहे चित्र आपके सामने लगते हैं।(और, जिससे कि)
(12) हमने वहाँ बोटिंग की और डायनासोर देखे। (या, और)
(13) मैंने वहाँ देखा तो सब कुछ था परन्तु कुछ याद नहीं आ रहा। (चाहे, परन्तु)
निम्नलिखित शब्दों में ‘र’ आधा है या पूरा ?
रेंजर्ज़ – आधा रिट्रीट – पूरा ट्रक – पूरा
दर्शक – आधा कार्य – आधा मार्ग – आधा
प्रकट – पूरा
निम्नलिखित मुहावरों के अर्थ बताकर वाक्यों में प्रयोग करें:-
दंग रह जाना (हैरान होना) इतने बड़े शेर को देखकर देव दंग रह गया।
खुशी से झूम उठना (बहुत खुश होना) आठवीं कक्षा में पास होने पर देव खुशी से झूम उठा।
मन बहलाना (समय गुजारना) बच्चों ने यात्रा के दौरान ताश खेलकर अपना मन बहलाया।
फूले न समाना (बहुत खुश होना) – पास होने की ख़बर सुनकर राहुल फूले नहीं समा रहा।
धूनी तपना (पीड़ा सहना, कष्ट सहना) – गुलामी के जीवन में लोग धूनी तपते हैं।
खुशी दोगुनी होना (खुशी बढ़ना) – शादी के कुछ दिनों बाद रमेश की नौकरी लगने के कारण उसकी खुशी दोगुनी हो गई।
फूला नहीं समाना (बहुत खुश होना) पास होने की ख़बर सुनकर सीमा फूला नहीं समा रही।
धावा बोलना (हमला करना) टिड्डियों ने फसल पर धावा बोल दिया। देखते ही देखते किसान की सारी फसल नष्ट हो गयी।
मन गद्गद् होना (खुश होना) मेला देखकर राहुल का मन गद्गद् हो गया।
दिल धक से रह जाना (घबरा जाना) साँप देखकर मेरा दिल धक से रह गया।
मौत की नींद सुलाना (मौत के घाट उतारना) सैनिकों ने दुश्मनों को मौत की नींद सुला दिया।
सीना छलनी करना (गहरा घाव देना) सैनिकों ने दुश्मनों का सीना छलनी कर दिया।
गौरवान्वित करना (गौरव महसूस करना) अनिल शर्मा ने अपनी बुद्धिमत्ता और निर्णय लेने की क्षमता से देश को गौरवान्वित किया।
होनहार बिरवान के होत चीकने पात (बचपन से ही प्रतिभा दिखाई देना) सुभाषचंद्र बोस तो बचपन से ही अंग्रेज़ों को भारत से खदेड़ने का खेल खेलते थे। सही ही कहा है होनहार बिरवान के होत चीकने पात।
सुध लेना (हाल-चाल पूछना/खबर लेना) – आजकल बच्चे अपने आप में व्यस्त रहते हैं कि अपने माता-पिता की सुध भी नहीं लेते।
ताकते रह जाना (हैरान रह जाना) राम के घर सुंदरता देखकर मैं तो ताकता ही रह गया।
मंत्र – मुग्ध होना (ध्यान लगाना,लीन होना) पढ़ाई में मंत्र मुग्ध होकर ही तुम दसवीं की परीक्षा पास कर सकते हो।
पारखी आँखों वाला (परखने की समझ रखने वाला) पारखी आँखों वाले अध्यापक बच्चों के गुण आसानी से पहचान लेते हैं।
जीवन की पहली ज़रूरत (जीवन का मुख्य आधार) रवि को खाते देखकर लगता है कि यही उसके जीवन की पहली जरूरत है।
जीवन बसर करना (जीवन चलना) गोपू उपले बेचकर जीवन बसर करता था ।
सपने दिखाना (आशा बंधना) अध्यापक ने सभी बच्चों को पास होने का सपना दिखाया।
हरी झंडी मिलना (आज्ञा मिलना) रवि को पढ़ने के लिए हरी झंडी मिल गई।
धावा बोलना (हमला करना) शत्रुओं ने अचानक धावा बोल दिया।
पैरों में पर लगना (बहुत तेज़ चलना या भागना) हामिद इतना तेज़ चल रहा था मानो उसके पैरों में पर लग गए हों।
दिल बैठ जाना (हताश होना, घबराना) परीक्षा में असफल होने पर नरेश का दिल बैठ गया।
राई का पर्वत बनाना (छोटी-सी बात को बढ़ा-चढ़ा कर कहना) राई का पर्वत बनाना तो कोई मोहन से सीखे।
गद गद होना (मन खुश होना) महीनों बाद माता जी को देखकर मेरा मन गदगद हो गया।
बाल भी बांका न होना (कुछ भी न बिगड़ना) जिसके भगवान रक्षक हैं उसका बाल भी बांका नहीं हो सकता।
गले मिलना (खुशी ज़ाहिर करना) सभी ने गले मिलकर ईद की मुबारक दी।
रंग जमाना (प्रभाव डालना) राम ने कक्षा में प्रथम आकर रंग जमा दिया।
नाम रटना (बार-बार नाम लेना) दुर्घटना होने पर वह प्रभु का नाम रटने लगा।
दिल कचोटना (ठेस पहुँचाना) उसने ऐसा कहकर मेरा दिल कचोट दिया।
देखते ही रह जाना (बार बार देखना) इतने बड़े शेर को देखकर देव देखते ही रह गया।
नाकों चने चबाना (परेशान करना) शिवाजी ने मुगल-सेना को अनेक बार नाकों चने चबवाए।
खुशी में गद्गद् होना (बहुत खुश होना) कक्षा में प्रथम आते ही दिशा खुशी में गदगद हो गई।
करारा जवाब देना (उल्टा जवाब देना) रवि ने विवेक को थप्पड़ मार कर करारा जवाब दिया।
छक्के छुड़ाना (बुरी तरह हराना) -आरत ने क्रिकेट का विश्व कप जीत कर अन्य सभी देशों के छक्के छुड़ा दिए।
जहाँ चाह वहाँ राह (इच्छा से ही रास्ता निकलता है) कल्पना ने बचपन में ही आसमान की सैर करने का सपना देखा और पूरा कर लिया किसे कहते हैं जहाँ चाह वहाँ राह।
दुःख के सागर में डूब जाना (बहुत दु:खी होना) पिता की मौत की खबर सुनकर वह दु:ख के सागर में डूब गया।
दिलों पर राज करना (अत्यधिक लोकप्रिय होना)- आज भी कल्पना चावला सभी के दिलों पर राज करती है।
खुशी का ठिकाना न रहना (बहुत खुश होना) आठवीं कक्षा में पास होने पर देव की खुशी का ठिकाना नहीं रहा ।
दिल दहला देना (अत्यधिक दुःखी या भयभीत होना) – इतने बड़े शेर को देखकर देव का दिल दहला गया।
हिंदी में अनुवाद करें:-
(1) ਹਾਮਿਦ ਤਾਂ ਮੋਟਰ ਦੇ ਹੇਠਾਂ ਆਉਂਦਾ – ਆਉਂਦਾ ਬਚਿਆ । (हामिद तो मोटर के नीचे आते – आते बचा।)
(2) ਉਸਦਾ ਚਿਮਟਾ ਰੁਸਤਮੇ-ਹਿੰਦ ਹੈ। (उसका चिमटा रुस्तमे-हिन्द है।)
(3) ਤੇਰੀਆਂ ਉਂਗਲਿਆਂ ਤਵੇ ਨਾਲ ਸੜ ਜਾਂਦੀਆਂ ਸਨ। (तुम्हारी उँगलियाँ तवे से जल जाती थीं।)
(4) ਇਹ ਉਸਦਾ ਮਨਪਸੰਦ ਵੀਸਾ ਸੀ। (यह उसका मनपसंद विषय था।)
(ख) ਉਹ ਆਪਣੇ ਪਰਿਵਾਰ ਵਿੱਚ ਸਭ ਤੋਂ ਛੋਟੀ ਸੀ। (वह अपने परिवार में सब से छोटी थी।)
(ग) ਕਲਪਨਾ ਚਾਵਲਾ ਨੂੰ ਸੰਗੀਤ ਬਹੁਤ ਪਸੰਦ ਸੀ। (कल्पना चावला को संगीत बहुत पसंद था।)
(घ) ਉਹ ਜਹਾਜ਼ਾਂ ਨੂੰ ਉਡਾਉਣ ਵਿੱਚ ਪਹਿਲਾਂ ਤੋਂ ਹੀ ਮਾਹਿਰ ਸੀ । (वह जहाजों को उड़ने में पहले से ही माहिर थी।)
(ङ) ਅੱਜ ਵੀ ਉਹ ਸਾਰਿਆਂ ਦੇ ਦਿਲਾਂ ਤੇ ਰਾਜ ਕਰਦੀ ਹੈ । (आज भी वह सभी के दिलों पर राज करती है)