46 Marks Package 8th 2nd term Hindi (dkdrmn)

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आठवीं कक्षा के इन नोट्स को तैयार करने में हमने बहुत मेहनत की है, हो सकता है कहीं थोड़ी बहुत छोटी-मोटी गलतियाँ हों । सभी अध्यापक साथी उनको सही करवाते हुए छात्रों को अभ्यास करवाएँगे हमे पूरी आशा है कि इन नोट्स के माध्यम से सभी छात्र ज़रूर सफ़ल होंगे इसके अतिरिक्त मैं छात्रों की परीक्षा तैयारी हेतु प्रश्न पत्र भी बना रहा हूँ हैं जो आपको https://hindipunjab.com/  पर मिल जाएँगे ।

इन नोट्स की तैयारी में बहुत सारे अध्यापक साथियों ने योगदान दिया है मैं उन सब का बहुत आभारी हूँ

दीपक कुमार हिंदी मास्टर सरकारी मिडल स्कूल मानवाला (ईमेल dkdrmn@gmail.com)

भाग – क (पाठ्य पुस्तक में से)

प्रश्न 1.  निम्नलिखित पद्यांश में से किसी का एक पद्यांश का सरलार्थ लिखें।                              5

ईश्वर का ………………… संस्कार है।

      सरलार्थ – लेखिका डॉ मीनाक्षी वर्मा ने माँ के गुणों का वर्णन किया है। वह कहती हैं कि माँ ईश्वर का अनोखा वरदान है। माँ का रिश्ता सभी रिश्तों में से महान है। माँ जब अपने बच्चे को जीवन का पाठ पढ़ाती हैं अर्थात उसे सही गलत का चुनाव करना सिखाती है, तब वह एक किताब बन जाती है। वह घर में सभी से आदर सत्कार से बात करती है। उसके काम में उसके संस्कार झलकते हैं।

मर्यादित रहना ………………… स्वर्गद्वार है।

      सरलार्थ – कवयित्री डॉ मीनाक्षी वर्मा कहती है कि माँ हमेशा मर्यादा में रह कर काम करती है। सहनशीलता उसका उपहार है। जब माँ नि:स्वार्थ सेवाभाव से सभी की सेवा करती है, तब वह धरती बन जाती है। वह हमेशा सभी को देना जानती है,  इसी में उसका विस्तार है। इस लिए माँ के चरणों में स्वर्ग का द्वार है।

बिना विचारे जो _______________ कियो जो बिना विचारे ।।

सरलार्थ – गिरिधर कवि जी कहते हैं कि बिना सोच और – विचार के जो कोई भी व्यक्ति काम करता है, वह बाद में पछताता है। ऐसा करने से एक तो उसका काम बिगड़ जाता है, दूसरे संसार में उसकी हँसी होती है अर्थात् सब लोग उसका मज़ाक उड़ाते हैं। जिस से मन में शान्ति नहीं रहती है, वह परेशान हो जाता है। उसे खाना-पीना, सम्मान, राग-रंग आदि कोई भी बात उसे अच्छी नहीं लगती है। उसे पछतावा लगा रहता है कि उसने ऐसा  क्यों किया।

साईं सब संसार में ________________ यार बिरला कोई।

सरलार्थ- प्रस्तुत कुंडली में गिरिधर कविराय कहते हैं कि इस संसार में सभी मतलबी हैं। बिना स्वार्थ के कोई किसी से मित्रता नहीं करता है। जब तक मित्र के पास धन-दौलत है तब तक सारे मित्र उसके आस-पास घूमते रहते हैं। मित्र के पास जैसे ही धन समाप्त हो जाता है तब सब उससे मुँह मोड़ लेते हैं। अत: कवि कहते हैं कि संसार का यही नियम है। संसार बिना स्वार्थ के कोई दोस्ती करे ,ऐसा तो कोई विरला ही होगा।

हम चलेंगे साथ-साथ _____________ साथ एक दिन

सरलार्थ- इन पंक्तियों में कवि कहते हैं कि हमें पूरा विश्वास है कि हम सभी मिलजुल कर रहेंगे। हम एक दूसरे का हाथ पकड़ कर, साथ देते हुए अपनी मंजिल को प्राप्त करेंगे। हमें पूरा विश्वास है कि हम एक दिन ज़रूर साथ-साथ चलेंगे और कामयाब होंगे।

नहीं डर किसी _________________ का आज के दिन

सरलार्थ- इस पद्यांश में कवि ने भारत के लोगों की मनोभावनाओं को अभिव्यक्त करते हुए इन पंक्तियों में बताया है कि हमें पूरा विश्वास है कि हम एक दिन अवश्य सफल होंगे। आज हमें किसी से डरने की आवश्यकता नहीं है। हमें पूरा विश्वास है कि हम अवश्य ही कामयाब होंगे। उन्हें ज़रूर सफलता मिलेगी। अब वे बिना किसी भय या शंका के आगे के जीवन को निश्चिन्त होकर बिताएँगे।

प्रश्न 2. पाठ्य पुस्तक में से निबंधात्मक प्रश्नों में से पाँच निबंधात्मक प्रश्न पूछे जाएँगे, जिनमे से तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग चार-पाँच पंक्तियों में लिखने को कहा जाएगा।                                        3×4=12

 (1) हामिद का चिमटा रुस्तमे हिन्द कैसे है?

उत्तर: हामिद का चिमटा रुस्तमे हिन्द इसलिए है क्योंकि वह बड़ा बहादुर है। उसमें आग में कूदने की शक्ति है। आग मैं बहादुर ही कूद सकते हैं। उसके साथियों के मिट्टी के बने वकील, भिश्ती और सिपाही बहादुरी का काम नहीं कर सकते। चिमटा अपने साथियों के खिलौनों को तोड़ भी सकता है। अत: वह रुस्तमे हिन्द है।

(2) हामिद ने अपनी दादी के लिए चिमटा क्यों खरीदा?

उत्तर: हामिद ने अपनी दादी के लिए चिमटा इसलिए खरीदा क्योंकि रोटी पकाते समय उसकी बूढ़ी दादी के हाथ जल जाते थे। घर में चिमटा नहीं था। हामिद ने सोचा कि चिमटे को पाकर दादी प्रसन्न हो जाएगी और दुआएँ देगी। उसकी उंगलियां न जलेंगी। घर में एक काम की चीज़ भी हो जाएगी।

(3) हामिद के हाथ में चिमटा देखकर अमीना क्रोध में क्यों आई?

उत्तर: हामिद के हाथों में चिमटा देखकर अमीना क्रोध में इसलिए आई कि उसने तो हामिद को कुछ खाने-पीने के लिए तथा खिलौने आदि खरीदने के लिए लिए पैसे दिए थे। लेकिन हामिद चिमटा खरीद लाया है। इस पर अमीना को क्रोध आ गया। उसे क्या पता था कि उसी के सुख के लिए वह चिमटा लाया है।

(4) ईदगाह में नमाज़ के दृश्य का वर्णन करें।

उत्तर: ईदगाह में नमाज़ का दृश्य बहुत प्रभावशाली था। ज़मीन पर जाज़िम बिछा हुआ था। रोज़े रखने वालों की कई पंक्तियाँ लगी थीं। यहाँ सब लोग बराबर थे। अमीर-ग़रीब का कोई फर्क नहीं था। लाखों लोग सिजदे में एक साथ सिर झुकाते, फिर इकट्ठे ही खड़े हो जाते। एक साथ झुकते और एक साथ घुटनों के बल बैठ जाते। कई बार यही काम करते।

(5) हामिद के चरित्र की प्रमुख विशेषताएँ लगभग एक सौ शब्दों में लिखें।

उत्तर: हामिद बड़ा बुद्धिमान लड़का है। वह अमीना के दिए पैसे अपने लिए खर्च नहीं करता बल्कि उनसे वह दादी के लिए चिमटा लाता है, ताकि रोटी सेंकते समय उसकी उंगलियाँ न जलें। वह बड़ा संतोषी व त्यागी भी है। बड़ी बुद्धिमता से अपनी युक्तियाँ देकर अपने साथियों को कायल कर लेता है। सब उसे अपने खिलौने दिखाने लगते हैं और उसका चिमटा देखते हैं। वह अपनी दादी से भी बहुत प्रेम करता है।

(6) साइंस सिटी में आपको जो देखने में सबसे अच्छा लगा, उसके बारे में लिखें।

उत्तरः साइंस सिटी में सबसे अच्छा डायनासोर पार्क लगा। इसमें सब तरह के अलग-अलग डायनासोर हैं। ये 45 अलग-अलग मॉडलों में दिखाए गए हैं। 35 फुट ऊँची विचित्र आकृति में चार हिलते-जुलते,  मुँह फैलाते तथा आवाज़ें निकालते डायनासोर दिखाई देते हैं।

(7) साइंस सिटी में ज्ञान के साथ-साथ मनोरंजन भी होता है, स्पष्ट करें?

उत्तरः यह बात सच है कि साइंस सिटी में ज्ञान के साथ-साथ मनोरंजन भी होता है। यहाँ विज्ञान के मुश्किल विषयों को बड़े ही सरल व खेल विधि के माध्यम से दिखाया गया है। साथ ही डायनासोर पार्क, डिफैंस गैलरी तथा दिखाए जाने वाले चार शो के साथ हमारा ज्ञान भी बढ़ता है और मनोरंजन भी होता है।

 (8) सहयोग के दो उदाहरण लिखें।

उत्तर- इस पाठ में सहयोग के दो उदाहरण दिये गये हैं। एक गाँव में बाढ़ आ जाने पर एक अन्धा व्यक्ति एक लंगड़े व्यक्ति को अपनी पीठ पर बिठाकर आपसी सहयोग से सुरक्षित स्थान पर पहुँच गये। इसी प्रकार शिकारी के जाल में फंसे कबूतर परस्पर सहयोग से ही जाल को ले उड़े और मरने से बच गए।

(09) सहयोग से दोनों पक्षों को लाभ होता है। क्या आप इससे सहमत हैं? अपने विचार लिखें।

उत्तर- हाँ, हम इस बात से सहमत हैं। आपसी सहयोग से हम अपनी कमियों को दूर कर सकते हैं। आपसी सहयोग से हमारे कठिन काम भी सरल बन जाते हैं। परस्पर सहयोग से वस्तुत: दोनों पक्षों को लाभ होता है। जैसे स्कूल में अगर दो सहपाठी साथ-साथ बैठकर पढ़ाई करने में एक दूसरे को सहयोग देते हैं तो इससे दोनों का ही भला होता है।

(10) वाघा गाँव के बारे में आपने क्या जाना?

उत्तर: वाघा गाँव अमृतसर से लगभग 33 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आज़ादी से पहले अंग्रेज़ों के समय वाघा गाँव पंजाब की लाहौर डिवीज़न में स्थित था। वाघा गाँव विभाजन के बाद भारत और पाकिस्तान दो देशों में बँट गया। यह गाँव दोनों देशों के मध्य थल यातायात का एक मात्र साधन है। संध्या के समय झंडा उतारने की रस्म यहाँ का मुख्य आकर्षण केंद्र है।

(11) बॉर्डर पर झंडा उतारने की रस्म कैसे संपन्न होती है?

उत्तर: बॉर्डर पर झंडा उतारने की रस्म प्रायः शाम 5:30 बजे शुरू होती है और लगभग आधे पौने घंटे में संपन्न होती है। देशभक्ति के गीत ऊँची आवाज़ में लगाए जाते हैं। बी•एस•एफ• के जवान पूरे उत्साह और जोश से परेड करते हैं। दर्शक तालियों से उनका उत्साह बढ़ाते हैं। झंडा उतारते समय लोहे के दोनों गेट खोल दिए जाते हैं। दोनों देशों के सैनिक एक-दूसरे से हाथ मिलाते हैं। अपने-अपने देश के झंडे को उतारकर संभाल लेते हैं और गेटों को फिर से बंद कर दिया जाता है।

(12) दौलत पाकर मनुष्य को अभिमान क्यों नहीं करना चाहिए?

उत्तर: दौलत पाकर मनुष्य को अभिमान इसलिए नहीं करना चाहिए क्योंकि दौलत जल के समान चंचल होती है। जो कभी एक स्थान पर स्थिर नहीं रह सकती। अतः दौलत किसी भी मनुष्य के पास ज़्यादा समय तक नहीं टिकती। इसलिए दौलत पाकर सपने में भी अभिमान नहीं करना चाहिए।

(13) ऑक्सीजन गैस को जीवन का मूल आधार क्यों कहा जाता है?

उत्तर: यदि ऑक्सीजन गैस को जीवन का मूल आधार कहा जाता है तो इसमें कोई अति कथनी नहीं है। क्योंकि धरती पर मनुष्य का अस्तित्व ऑक्सीजन गैस के कारण ही संभव है। मनुष्य साँस लेते समय ऑक्सीजन गैस ग्रहण करता है और कार्बन-डाइऑक्साइड छोड़ता है। अतः ऑक्सीजन गैस जीवन का मूल आधार है।

(14) ज़हरीली गैसों के स्त्रोत कौन-कौन से हैं?

उत्तर: आज वायु का अस्तित्व खतरे में है। चारों तरफ धुआँ ही धुआँ है। ज़हरीली गैसें बस, स्कूटर, कार, कारखानों की चिमनियों के धुएँ, फ्रिज तथा एयरकंडीशनरों से निकलती हैं ।

(15) वायुमंडल का तापमान बढ़ाने में ओज़ोन की क्या भूमिका है?

उत्तर: ओजोन परत, जिसे वायुमंडल की सुरक्षा पर भी कहा जाता है क्योंकि यह परत सूर्य की अल्ट्रावायलेट किरणों को धरती पर पहुँचने से रोकती थी, रसायनिक गैस के कारण ओज़ोन की सुरक्षा परत टूटती-फूटती जा रही है। जिस कारण वायुमंडल का तापमान बढ़ रहा है।

(16) अम्लीय वर्षा किस कारण होती है ?

उत्तर: जब वर्षा का पानी नाइट्रोजन, ऑक्सीजन और सल्फर डाइऑक्साइड के संपर्क में आता है तब अम्लीय वर्षा होती है। यह गैसें आम तौर पर कारखानों की ऊँची-ऊँची चिमनियों  से निकलती हैं। अम्लीय वर्षा का कारण बनती हैं।

(17) पेड़ किस प्रकार वायुमंडल को शुद्ध करते हैं?

उत्तर: पेड़ प्रकाश संश्लेषण क्रिया द्वारा वायुमंडल को शुद्ध करते हैं। इस क्रिया द्वारा पेड़ कार्बन डाइऑक्साइड  सोकते हैं और ऑक्सीजन छोड़ते हैं। पेड़ ऑक्सीजन का कारखाना है। ऐसा अनोखा कारखाना है जिसमें कभी हड़ताल नहीं होती है और ना ही अवकाश। पेड़ वायुमंडल को शुद्ध करने का अनोखा कारखाना है।

 (18) ऑक्सीजन गैस को जीवन का मूल आधार क्यों कहा जाता है?

उत्तर- क्योंकि ऑक्सीजन, हाइड्रोजन के साथ मिल कर पृथ्वी पर पानी को उपलब्ध करवाती है। दुनिया के आधे से अधिक भाग में पानी है और अगर पानी न हो तो धरती पर जीवन की संभावना भी खत्म हो सकती है। इसी तरह से साँस लेने के लिए भी ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है।

 (19) वायुमंडल का तापमान बढ़ाने में ओज़ोन की क्या भूमिका है?

उत्तर- धरती से 10 से 50 किलोमीटर ऊँचाई पर वायुमण्डल में ओज़ोन की पतली परत है जो एयर कंडीशनरों तथा रेफ्रिजरेटरों में प्रशीतक के रूप में प्रयोग होने वाली गैस तथा सप्रे से निकलने वाली गैस इस परत को नुकसान पहुँचाती हैं। इस परत को पहुँचने वाले इस नुक्सान के कारण सूरज की अल्ट्रावॉयलेट किरणें धरती पर सीधी पहुँचनी शुरु हो गई हैं जिससे साँस, त्वचा संबंधी गंभीर बीमारियाँ फैल रही हैं।

(20) अम्लीय वर्षा किस कारण होती है?

उत्तर- अम्लीय वर्षा वास्तव में तेज़ाब के रूप में बरसने वाला पानी समझा जाता है। वास्तव में कारखानों के धुएँ में नाइट्रोजन ऑक्साइड तथा सल्फर-डाइ-ऑक्साइड होती है जो वर्षा के पानी के साथ मिलकर अम्ल बन जाती है।

(21) पेड़ किस प्रकार वायुमंडल को शुद्ध करते हैं?

उत्तर- पेड़ वायुमंडल को शुद्ध करने में विशेष सहायक सिद्ध होते हैं क्योंकि पेड़ कार्बन-डाई-ऑक्साइड को प्रकाश संश्लेषण वाली भोजन बनाने की क्रिया से सोख लेते हैं और वायुमंडलमें ऑक्सीजन बढ़ाते हैं। अत: वायुमंडल को शुद्ध रखने के लिए ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाने तथा उसे शुद्ध रखने के लिए सर्वत्र अधिक पेड़ लगाने की ज़रूरत होती है

(22) कल्पना चावला का सपना कब और कैसे पूरा हुआ?

उत्तर- कल्पना चावला बचपन से ही आसमान की सैर करने का सपना देखा करती थी। अपने लक्ष्य प्राप्त करने के लिये वह अमेरिका चली गई। वहाँ उसने अपनी पढ़ाई पूरी करने के साथ अन्तरिक्ष यात्रा का तकनीकी प्रशिक्षण भी प्राप्त किया। फिर 19 नवम्बर 1997 को कल्पना ने अपने दल के साथ एस. टी. एस. 87 अन्तरिक्ष यान द्वारा पहली उड़ान भर कर अपना सपना पूरा किया।

(23) कल्पना चावला के जीवन से आप क्या प्रेरणा लेते हैं?

उत्तर- कल्पना चावला के जीवन से हमें यही प्रेरणा मिलती है कि मनुष्य अपने जीवन में आत्मविश्वास, परिश्रम एवं निष्ठा से कुछ भी प्राप्त कर सकता है। भले ही कल्पना चावला इस संसार में नहीं रहीं पर वह संसार के सभी युवाओं के लिए नि:सन्देह प्रेरणा स्रोत बनकर अमर हो गई है।

(24) इन क्रान्तिकारियों ने साइमन कमीशन का विरोध किस प्रकार किया?

उत्तर- लाला लाजपत राय के नेतृत्व में साइमन कमीशन का विरोध किया गया। शहीद भगत सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद आदि सभी क्रान्तिकारी लाल जी के समर्थन में आ गए। सभी ने मिलकर साइमन कमीशन को वापिस जाने के नारे लगाकर शांतिपूर्ण विरोध किया।

 (25) विधानसभा में बम विस्फोट का क्या परिणाम निकला?

उत्तर-विधानसभा में बम विस्फोट के बाद भगत सिंह तथा बटुकेश्वर दत्त पकड़े गए। अंग्रेज़ों ने क्रान्तिकारियों को पकड़ने का दमन चक्र तेज़ कर दिया। राजगुरु, सुखदेव, असंख्य युवक जेलों में बंद कर दिए गए। भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को फांसी की सज़ा सुनाई गई तथा बटुकेश्वर दत्त को काला पानी की सज़ा दी गई।

भाग ख (व्यवाहरिक  व्याकरण)

प्रश्न 3. किन्ही चार प्रश्नों के निर्देशानुसार उत्तर दें: 

भाववाचक संज्ञा बनाएँ:                                                   4

पूर्ण         पूर्णता                                                 पशु          पशुता

मित्र         मित्रता                                                आवश्यक      आवश्यकता

मानव      मानवता                                                 मनुष्य       मनुष्यता

सभ्य        सभ्यता                                                प्रसन्न        प्रसन्नता

 ➡ निम्नलिखित में से उचित सम्बन्धबोधक शब्द लगाकर वाक्य पूरे करें:

(क) हामिद का बाप अमीना …………………… और कौन हैं। (के साथ, के सिवा)

(ख) रमज़ान के पूरे तीस रोज़ों …………………. ईद आई हैं। (के बाद, के साथ)

(ग) हामिद बच्चों …………………. जा रहा था। (के सिवा,के साथ)

(घ) हामिद तो मोटर ……………. आते-आते बचा। (के नीचे,के बाद)

 ➡ निम्नलिखित वाक्यों में उचित योजक चिह्न लगाकर वाक्य पूरे करें:-

(1) मोहसिन इतना उदार नहीं है लेकिन वह जानकर भी उसके पास जाता है। (क्योंकि/ लेकिन)

(2) अगर वह चिमटा ले जाकर दादी को दे दे तो कितनी प्रसन्न होगी। (अगर…तो/ यद्यपि… तथापि)

(3) हामिद बड़ा चालाक है इसलिए अपने पैसे बचा कर रखे थे।        (इसलिए /परन्तु)

(4) वे बार-बार अपनी जेबों से अपना खज़ाना निकाल कर गिनते हैं और खुश होकर फिर रख लेते हैं। (या /और)

(5) हामिद ने चिमटे को इस तरह कन्धे पर रखा मानो बंदूक हो।            (मानो/ताकि)

(6) अमीना हामिद की आवाज़ सुनते ही दौड़ी और उसे गोद में उठाकर प्यार करने लगी।(या /और)

(7) तुम्हारी उँगलियाँ तवे से जल जाती थीं इसलिए मैंने इसे लिया।    (क्योंकि /इसलिए)

(8) यदि उन्होंने अनुमति दी तो हम साइंस सिटी देखने कपूरथला जायेंगे। (यद्यपि…..तथापि, यदि……तो)

(9) ऐसा लगता है मानो सब कुछ आपके पास हो रहा है।      (ताकि, मानो)

(10) इनके मुँह में हाथ मत डालना नहीं तो दुर्घटना हो सकती है।(नहीं तो, यानि)

(11) यहां 3 ड़ी में एक खास तरह का चश्मा पहनकर शो देखा जाता है जिससे कि दूर स्क्रीन पर दिखाए जा रहे चित्र आपके सामने लगते हैं।(और, जिससे कि)

(12) हमने वहाँ बोटिंग की और डायनासोर देखे। (या, और)

(13)  मैंने वहाँ देखा तो सब कुछ था परन्तु कुछ याद नहीं आ रहा। (चाहे, परन्तु)

 ➡ परुष

मैं पढ़ता हूँ  हम लिखते हैं

यहाँ ‘मैं’ और ‘हम’ कर्ता के रूप में प्रयुक्त हुए हैं अत: उत्तम परुष हैं

तू खाता है तुम खाते हो

यहाँ ‘तू’ और ‘तुम’ कर्ता के रूप में प्रयुक्त हुए हैं अत: मध्यम परुष हैं

वह देखता है कोई जा रहा है

यहाँ ‘वह’ और ‘कोई’ कर्ता के रूप में प्रयुक्त हुए हैं अत: अन्य परुष हैं

इस प्रकार कर्ता के अनुसार क्रिया के तीन पुरुष हैं :

  • उत्तम पुरुष (मैं, हम)
  • मध्यम पुरुष (तू, तुम)
  • अन्य पुरुष (वह, वे, संज्ञा शब्द)

भाग-ग ( रचनात्मक लेखन पत्र )

प्रश्न 4 यह प्रश्न पत्र लेखन से संबंधित होगा इसमें 100 प्रतिशत आंतरिक विकल्प दिया जाएगा ।       8

  1. स्कूल में पीने के पानी का समुचित प्रबंध करवाने के लिए मुख्याध्यापिका को प्रार्थना पत्र

सेवा में

मुख्य अध्यापिका जी,

सरकारी मिडिल स्कूल ,

मानवाला ।

विषय: पीने के पानी का समुचित प्रबंध करवाने के लिए प्रार्थना पत्र ।

श्री मान जी,

       निवेदन है कि स्कूल में पीने के पानी के लिए 2 नल हैं। सुबह तथा आधी छुट्टी के समय वहाँ  बहुत भीड़ हो जाती है । जिस वजह से छात्रों का बहुत सारा समय पानी पीने में चला जाता है ओर वे कक्षा में देरी से पहुचंते हैं। कृपया स्कूल में पीने के पानी का समुचित प्रबंध करवाया जाए।

धन्यवाद सहित ।

आपका आज्ञाकारी शिष्य,

…………….

कक्षा: आठवीं

रोल नं० 16

तिथि : 30.10.20191.

  1. अपने गाँव के सरपंच को अपने स्कूल के विकास में योगदान देने के लिए प्रार्थना पत्र ।

सेवा में,

सरपंच महोदय जी,

ग्राम पंचायत,

मानवाला ।

श्रीमान जी,

                    मैं अपने गाँव के सरकारी स्कूल का आठवीं कक्षा का छात्र हूँ । हमारे स्कूल में 3 कक्षा के कमरे हैं जो कि बहुत ही पुराने हैं व जिनकी छत कच्ची है । इसके अलावा पीने के पानी के लिए एक टंकी है जो लीक हो रही है । स्कूल की चारदीवारी भी कई जगह से ढह चुकी है। इस तरह हमारे स्कूल को विकास कार्यों की बहुत ही आवश्यकता है तो कृपया स्कूल के विकास कार्य की तरफ ध्यान दिया जाए।

धन्यवाद सहित ।

आपका विश्वास पात्र

दीपक कुमार

कक्षा: आठवीं

रोल नं० 16

तिथि : 30.10.2019

  1. मित्र को जन्म दिन पर उसे बधाई पत्र लिखें ।

परीक्षा भवन,

मानवाला ।

तिथि : ……………………

प्रिय मित्र सोहन  ,

सत` श्री अकाल ।

       तुम्हारे जन्म दिन की तुम्हें बहुत-बहुत बधाई हो । परमात्मा करे कि तुम हमेशा खुश रहो और सफलता तुम्हारे कदम चूमें । मैं तुम्हारे जन्म दिन पर ज़रूर आता किन्तु उस दिन मैं स्कूल टीम के साथ क्रिकेट मैच खलने जा रहा हूँ ।

मुझे आशा है कि तुम मुझे माफ़ कर दोगे ।

अंकल आंटी जी को मेरा प्रणाम कहना ।

तुम्हारा मित्र ,

मोहन

  1. चाचा जी को जन्मदिन के उपहार के लिए धन्यवाद पत्र

परीक्षा भवन,

मानवाला ।

तिथि : ……………………

आदरणीय चाचाजी,

              अपने मेरे जन्मदिन के अवसर पर आपके उपहार के रूप में एक हाथ घड़ी भेजी है। इस पाकरमैं बहुत खुश हुआ।

              मैंने पढ़ाई और परीक्षा के दौरान सदा उसकी आवश्यकता महसूस की। सभी ने उसे बेहद सराहा और पसन्द किया। अब मैं अपने सारे काम सही समय पर कर सकूँगा। निःसदेह वह मुझे समय का पाबन्द बना देगी। वह घड़ी मुझे आपके प्रेम और स्नेह की याद हरदम दिलाती रहेगी। मुझे आपका आभव बहुत अखरा।

             चाचाजी को चरण स्पर्श तथा अनुराधा व आशीष को प्यार।

आपका प्रिय भतीजा,

मोहन

प्रश्न – 5 कोई तीन विषय देकर उनमें से किसी एक विषय पर लगभग 150-200 शब्दों में निबन्ध लिखने के लिए कहा जाएगा।  यह प्रश्न का 8 अंकों का होगा।

1.प्रातः काल की सैर

प्रातः काल का समय शांत, निर्मल व सुहावना होता है। ऐसे समय में सैर करने से फेफड़ों को शुद्ध हवा मिलती है, जिस से वे स्वस्थ रहते हैं। शरीर में ताजगी आती है। सुबह के समय पेड़ ऑक्सीजन अधिक मात्रा में छोड़ते हैं। उस समय उनके पास अधिक समय रहना स्वस्थ बनाता है। पक्षी अपने घोंसलों से बाहर निकल आते हैं। उनका मधुर स्वर मन को खुशी देता है। धीरे-धीरे बहती खुशबु मन को ताजगी प्रदान करती है। घास पर पड़ी ओस की बूँदें मोती की तरह लगती हैं। उगते सूरज की लाली व किरणों में अंधकार के साथ कई कीटाणुओं को खत्म करने की क्षमता होती है। प्रातः काल की सैर खुले मन से करनी चाहिए| प्रकृति का आनंद लेना चाहिए। हरी घास पर नंगे पाँव चलने से आँखों की रोशनी बढ़ती है। उम्र लंबी व शरीर स्वस्थ होता है। मैं भी रोज अपने मित्र के साथ प्रातः काल की सैर को जाता हूं। हम नजदीक ही एक पार्क में सैर करते हैं। वहाँ पक्षी चहचाने की आवाज़ मन को खुश कर देती है। हम जानते है कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का निवास होता है। इसलिए हम सब को प्रातः कल की सैर करनी चाहिए।

2. स्वच्छता अभियान

       स्वच्छता मानव जीवन का सार, प्रदूषण फैला कर मत करो इसे बेकार।

स्वच्छ वातावरण धरती को बचाने के लिए आवश्यक है। स्वच्छता अभियान देश की स्वच्छता के लिए चलाया गया है। यह अभियान गांवों से शहरों से होता हुआ महानगरों तक जा पहुंचा है।भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने इसका शुभारंभ 2 अक्तूबर, 2014 को किया था। साफ- सफाई को लेकर देश की छवि बदलने के लिए इसे जन-आंदोलन का रूप दिया गया।

  1. उद्देश्य- देश को रोग-मुक्त करना।
  2. वातावरण को साफ रखना।
  3. जल-स्रोतों की स्वच्छता को बनाए रखना।
  4. प्रत्येक नागरिक के मन में स्वच्छता के प्रति जागरूकता लाना।
  5. अपनी आदतों में स्वच्छता शामिल करना।
  6. शौचालयों का प्रयोग करना।
  7. देश के सौन्दर्य को बढ़ाना।

2019 में इसके पाँच वर्ष पूरे हो गए हैं, लेकिन भारत का प्रत्येक जन अभी भी इस मुहिम पर चल रहा है। यह वह मशाल है जो अब बुझेगी नहीं। ‘स्वच्छ -स्वस्थ- भारत’ का सपना एक दिन अवश्य पूरा होगा।

हम होंगे कामयाब एक दिन।

3. मेरा पंजाब

मैं पंजाब राज्य का रहने वाला हूँ। यह भारत के 29 राज्यों में से एक अहम राज्य है। इसे अनाज का भंडार कहा जाता है क्योंकि इसकी भूमि बहुत उपजाऊ है और लोग बहुत परिश्रमी है। जहाँ एक तरफ यह गुरुओं पीरों फकीरों की भूमि है वहीं यह देश भक्त वीरों की भूमि भी है। पंजाब दो शब्दों पंच और आब से मिलकर बना है जिसका अर्थ है  पाँच नदियां वर्तमान पंजाब में अब केवल दो ही नदियां बहती हैं सतलुज और व्यास।

वर्तमान पंजाब की स्थापना एक  नवंबर 1966 में हुई थी। इसके उत्तर में जम्मू कश्मीर पूर्व में हिमाचल प्रदेश दक्षिण में हरियाणा व राजस्थान है। चंडीगढ़ पंजाब की राजधानी है। पंजाब में जिलों की संख्या 22 है। पंजाब के मुख्य बोली जाने वाली भाषा पंजाबी है जो कि पंजाब की राजभाषा भी है। हिंदी को पंजाब में दूसरा स्थान प्राप्त है।

यहाँ पर प्रत्येक धर्म के लोग मिलकर रहते हैं। सिख गुरुओं ने पंजाब के लोगों में साहस वीरता और बलिदान की भावना पैदा की जो सभी को एक सूत्र में पिरोती है। यहाँ पर लाला लाजपत राय, भगत सिंह, राजगुरु सुखदेव, करतार सिंह सराभा, उधम सिंह जैसे देशभक्त हुए हैं, जिन्होंने देश को आजाद करवाने के लिए अपना बलिदान दे दिया।

पंजाब में प्रत्येक वर्ष अनेक मेले और त्यौहार मनाए जाते हैं। लोहड़ी, वैशाखी,  दीवाली, बसंत, होला-मौहल्ला आदि पंजाब के प्रसिद्ध त्यौहार हैं ।

यहाँ के लोगों को संगीत, शिक्षा, कला, संस्कृति और साहित्य से बहुत प्रेम करते हैं। पंजाब के लोक-नृत्य गिद्धा और भांगड़ा संसार भर में प्रसिद्ध हैं। मुझे मेरे पंजाबी होने पर बहुत गर्व है।

4. मोबाइल फोन के लाभ हानियाँ

मोबाइल फोन ने पूरी दुनिया में चमत्कारिक बदलाव ला दिया है। वर्षों पहले लोग सोच भी नहीं सकते थे कि एक ऐसा आविष्कार होगा जिससे हम दुनिया के किसी भी कोने में किसी से भी बात कर सकेंगे। मोबाइल फोन के अनेक लाभ हैं। मोबाइल फोन में हम एक दूसरे से बातचीत कर सकते है, मैसेज भेज सकते हैं, वीडियो देख सकते है, फोटो ले सकते है और साथ ही इंटरनेट चला सकते है। आजकल के स्मार्टफोन को तो मिनी कंप्यूटर भी कहा जाने लगा है, क्योंकि जो कार्य एक कंप्यूटर करता है वह सभी कार्य अब स्मार्टफोन में भी हो सकते है। मोबाइल फोन से जितने लाभ है उतनी हानियाँ भी हैं। मोबाइल फ़ोन के ज्यादा प्रयोग से आँखें कमजोर हो जाती है। मोबाइल फ़ोन के आदी हो जाने पर बच्चों का मन पढ़ाई लिखाई में नहीं लगता। इंटरनेट चलाने के कारण बच्चों को इससे गलत जानकारियाँ मिल सकती है,  जिसके कारण उनका स्वभाव बिगड़ सकता है। कुछ लोग वाहन चलाते समय मोबाइल पर बातें करते हैं,  जिससे उनका ध्यान सड़क से हट जाता है और दुर्घटना घट जाती है। ज्यादा समय मोबाइल पर बात करने या गाने सुनने से सुनने की शक्ति कमजोर हो जाती है। मोबाइल फोन में से जो विकिरणें निकलती है, वह हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक है। स्मार्टफोन के ज्यादा इस्तेमाल से समय की बर्बादी होती है। हमें मोबाइल का प्रयोग तभी करना चाहिए जब आवश्यक हो। हमें इसके अनावश्यक प्रयोग से जितना हो सके बचना चाहिए। तभी हम इसके बुरे प्रभावों से बच सकते हैं। इस तरह मोबाइल के सही ढंग से प्रयोग से हम जीवन में सफलता पा सकते हैं ।

5. सत्संगति

सत्संगति दो शब्दों से मिलकर बना है- ‘सत’ और ‘संगति’। सत का अर्थ है – अच्छा और संगति का अर्थ है -साथ इसीलिए सत्संगति का अर्थ है – अच्छे लोगों का साथ। अच्छे लोगों का साथ प्राप्त करना ही सत्संगति कहलाता है। संगति का मनुष्य के जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है।

मनुष्य जिस प्रकार की संगति में रहता है, वैसा ही बन जाता है अच्छी संगति से मनुष्य में अच्छे गुणों का विकास होता है और बुरी संगति से बुरी आदतें आती है। सत्संगति से हमारे अंदर सच्चाई, ईमानदारी, अनुशासन, कर्तव्य पालन आदि अनेक अच्छे गुण पैदा होते है। इन अच्छे गुणों के पैदा होने पर बुरी आदतें अपने आप छूट जाती हैं। सत्संगति एक पारस है जो जीवनरूपी लोहे को सोना बना देती है। महात्मा बुद्ध की संगति में आने के बाद अंगुलिमाल डाकू सब पाप छोड़ कर संत बन गया था। भगवान राम की संगति में आने पर विभीषण लंका का राजा बन गया था। जहाँ संगति हमारे जीवन को संवार देती है, वही कुसंगति में पड़ जाने से सब कुछ बर्बाद हो जाता है। कुसंगति में पड़ा व्यक्ति अपने लक्ष्य से भटक जाता है। ऐसा व्यक्ति जीवन में कभी कामयाब नहीं हो सकता और बाद में हमेशा पछताता हैं। अतः हमें कुसंगति से हमेशा बचना चाहिए। अपने मित्रों का चुनाव करते समय हमें हमेशा ध्यान रखना चाहिए। ऐसे मित्रों से बचना चाहिए, जो हमें गलत रास्ते पर ले कर जाएँ। हमें सदा यही कोशिश रहनी चाहिए कि हम अच्छे लोगों की सत्संगति में रहें। तभी हम जीवन में उन्नति कर सकते हैं।

भाग – घ ( मुहावरे/ लोकोकितियाँ )

प्रश्न 6 नीचे लिखे मुहावरों के अर्थ लिखते हुए अपने वाक्यों में प्रयोग करें।                                                                    5

  1. धावा बोलना (हमला करना) शत्रुओं ने अचानक धावा बोल दिया।
  2. पैरों में पर लगना (बहुत तेज़ चलना या भागना) हामिद इतना तेज़ चल रहा था मानो उसके पैरों में पर लग गए हों।
  3. दिल बैठ जाना (हताश होना, घबराना) परीक्षा में असफल होने पर नरेश का दिल बैठ गया।
  4. राई का पर्वत बनाना (छोटी-सी बात को बढ़ा-चढ़ा कर कहना) राई का पर्वत बनाना तो कोई मोहन से सीखे।
  5. मन गद्गद् होना (बहुत खुश होना) कक्षा में प्रथम आते ही दीपक का मन गद्गद् हो गया।
  6. खुशी में गद्गद् होना (बहुत खुश होना) कक्षा में प्रथम आते ही दीपक खुशी में गद्गद् हो गया।
  7. गले मिलना (खुशी ज़ाहिर करना) सभी ने गले मिलकर ईद की मुबारक दी।
  8. रंग जमाना (प्रभाव डालना) राम ने कक्षा में प्रथम आकर रंग जमा दिया।
  9. नाम रटना (बार-बार नाम लेना) दुर्घटना होने पर वह प्रभु का नाम रटने लगा।
  10. दिल कचोटना (ठेस पहुँचाना) उसने ऐसा कहकर मेरा दिल कचोट दिया।
  11. देखते ही रह जाना (बार बार देखना) इतने बड़े शेर को देखकर देव देखते ही रह गया।
  12. नाकों चने चबाना (परेशान करना) शिवाजी ने मुगल-सेना को अनेक बार नाकों चने चबवाए।
  13. बाल भी बाँका न होना (कुछ भी न बिगड़ना) जिसके भगवान रक्षक हैं उसका बाल भी बाँका नहीं हो सकता।
  14. करारा जवाब देना (उल्टा जवाब देना) भारत ने पकिस्तान को करारा जवाब दिया।
  15. छक्के छुड़ाना (बुरी तरह हराना) – भारत ने पकिस्तान के छक्के छुड़ा दिए।
  16. अँगूठा दिखाना (इन्कार करना) जब राम ने शाम से पुस्तक माँगी तो शाम ने अँगूठा दिखा दिया।
  17. आँखों का तारा (बहुत प्यारा) मोहन अपने माता-पिता की आँखों का तारा है।
  18. चार-चाँद लगाना (शोभा बढ़ाना) कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करके उसने अपने माता-पिता के नाम को चार-चाँद लगा दिए।
  19. मुँह उतर जाना (लज्जित होना) परीक्षा में फेल होने रवि का मुंह उतर गया।
  20. एक पंथ दो काज (एक काम से दोहरा लाभ) मैं कल दिल्ली अपने मित्र की शादी में गया और पुस्तक मेला भी देख आया। इस तरह मेरे एक पंथ दो काज हो गए।
  21. जान बचना (मुसीबत से बचना) कल गाड़ी से उतरते समय उसका पैर फिसल गया पर उसकी जान बच गई।
  22. जाल में फँसना (चंगुल में फँसना) शत्रु हमारे सैनिकों के जाल में फँस गए।
  23. मौत दिखाई देना (मृत्यु का सामना होना) हमारी सेना के आगे दुश्मनों को मौत दिखाई देने लगी।
  24. धैर्य बँधवाना (धैर्य देना) अपने मित्र को कक्षा में फेल होने पर धैर्य बंधवाने के लिए पत्र लिखें।
  25. हक्का बक्का रह जाना (हैरान होना) इतना बड़ा शेर देखकर देव हक्का-बक्का रह गया।
  26. दिन-दूनी रात चौगुनी उन्नति करना (बहुत उन्नति करना) रवि ने अपनी समझदारी से हैं अपने व्यापार में दिन-दूनी रात चौगुनी उन्नति कर ली है।
  27. बिना विचारे जो करे सो पाछे पछताए (बिना सोचे समझे कार्य करने पर पछताना पड़ता है) रवि ने बिना सोचे समझे राम से मित्रता की और उसी मित्र ने उसे जेल भिजवा दिया इसे कहते हैं कि बिना विचारे जो करे सो पाछे पछताए ।
  28. आँखों में खटकना (बुरा लगना) चोर हमेशा पुलिस की आँखों में खटकते हैं। ।
  29. साईं सब संसार में मतलब का व्यवहार (मतलबी दुनिया) राम अपने काम से मतलब रखता है यह तो वह बात है साईं सब संसार में मतलब का व्यवहार ।
  30. चार दिन की चाँदनी फिर अंधेरी रात (थोड़े दिन का आनंद) जवानी का जोश अच्छा नहीं क्योंकि यह चार दिन की चाँदनी फिर अंधेरी रात जैसा है।
  31. दिनों दिन सुखना (कमज़ोर होना) रवि परीक्षा की चिंता के कारण दिनों दिन सूखता जा रहा है।
  32. बाल बाल बचना (मुश्किल से बचना) कल गाड़ी से उतरते समय उसका पैर फिसल गया, लेकिन वह बाल-बाल बच गया।
  33. जान बचाना (जीवन बचाना) डॉ० ने सोहन की जान बचा ली ।
  34. सिर मारना (सोच विचार करना) इस प्रश्न को हल करने के लिए दो घंटों से सिर मार रहा हूँ पर समझ नहीं आ रहा।
  35. अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मारना (अपनी ही गलती से अपना नुकसान करना) रवि ने गणित का पेपर न देकर अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार ली है।
  36. सेहत बिगड़ना (सेहत ठीक न होना) उसके पिताजी की सेहत ठीक बिगड़ गई है।
  37. जहाँ चाह वहाँ राह (इच्छा से ही रास्ता निकलता है) कल्पना ने बचपन में ही आसमान की सैर करने का सपना देखा और पूरा कर लिया इसे कहते हैं जहाँ चाह वहाँ राह।
  38. दिलों पर राज करना (अत्यधिक लोकप्रिय होना) आज भी कल्पना चावला सभी के दिलों पर राज करती है।
  39. 39. खुशी का ठिकाना न रहना (बहुत खुश होना) कक्षा में प्रथम आने पर दीपक की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
  40. दिल दहला देना (अत्यधिक दुःखी या भयभीत होना) इतने बड़े शेर को देखकर देव का दिल दहला गया।

भाग – घ ( अनुवाद )

प्रश्न 7. नीचे लिखे वाक्यों का हिंदी में अनुवाद करें:-                                              4

  1. ਹਾਮਿਦ ਤਾਂ ਮੋਟਰ ਦੇ ਹੇਠਾਂ ਆਉਂਦਾ – ਆਉਂਦਾ ਬਚਿਆ । (हामिद तो मोटर के नीचे आते – आते बचा।)
  2. ਉਸਦਾ ਚਿਮਟਾ ਰੁਸਤਮੇ-ਹਿੰਦ ਹੈ । (उसका चिमटा रुस्तमे-हिन्द है।)
  3. ਤੇਰੀਆਂ ਉਂਗਲਿਆਂ ਤਵੇ ਨਾਲ ਸੜ ਜਾਂਦੀਆਂ ਸਨ । (तुम्हारी उँगलियाँ तवे से जल जाती थीं।)
  4. ਗਰਮੀ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਸਕੂਲ ਦਾ ਪਹਿਲਾ ਦਿਨ ਸੀ। (गर्मी के बाद स्कूल का पहला दिन था ।)
  5. ਇਹ ਅਸਲੀ ਡਾਇਨਾਸੋਰ ਨਹੀਂ ਹਨ। (ये असली डायनोसोर नहीं हैं।)
  6. ਹੈਲਥ ਗੈਲਰੀ ਵਿੱਚ 12 ਫੁੱਟ ਉੱਚਾ ਦਿਲ ਦਾ ਮਾਡਲ ਸੀ। (हेल्थ गैलेरी में 12 फुट लम्बा दिल का मॉडल था।)
  7. ਸਾਰੇ ਬੱਚੇ ਇੱਕਠੇ ਹੱਸ ਪਏ। (सभी बच्चे एक साथ हँस पड़े।)
  8. ਅਧਿਆਪਕਾ ਸਟਾਫ ਰੂਮ ਵੱਲ ਚੱਲ ਪਏ। (अध्यापिका स्टाफ रूम की ओर चल दिए ।)
  9. ਇਹ ਧਰਤੀ ਤੇ ਜੀਵਨ ਦਾ ਮੂਲ ਅਧਾਰ ਹੈ। (यह पृथ्वी पर जीवन का मूल आधार है ।)
  10. ਉਸ ਪਿੰਡ ਵਿੱਚ ਸੜਕ ਬਣ ਰਹੀ ਹੈ। (उस गाँव में सड़क बन रही है।)
  11. ਅੱਗੇ ਦੀ ਆਵਾਜ਼ ਹਾਸੇ ਵਿੱਚ ਦੱਬ ਜਾਂਦੀ ਹੈ। (अगली आवाज़ हँसी में दब जाती है।)
  12. ਅੱਜ ਮੇਰੇ ਜੀਵਨ ਨੂੰ ਖਤਰਾ ਲੱਗ ਰਿਹਾ ਹੈ। (आज मेरे जीवन को खतरा लग रहा है।)
  13. ਪਾਣੀ ਨਹੀਂ ਤਾਂ ਜੀਵਨ ਕਿਵੇਂ ਸੰਭਵ ਹੋਵੇਗਾ। (पानी नहीं तो जीवन कैसे संभव होगा?)
  14. ਇਹ ਉਸਦਾ ਮਨਪਸੰਦ ਵੀਸ਼ਾ ਸੀ ।  (यह उसका मनपसंद विषय था।)
  15. ਉਹ ਆਪਣੇ ਪਰਿਵਾਰ ਵਿੱਚ ਸਭ ਤੋਂ ਛੋਟੀ ਸੀ । (वह अपने परिवार में सब से छोटी थी।)
  16. ਕਲਪਨਾ ਚਾਵਲਾ ਨੂੰ ਸੰਗੀਤ ਬਹੁਤ ਪਸੰਦ ਸੀ। (कल्पना चावला को संगीत बहुत पसंद था।)
  17. ਉਹ ਜਹਾਜ਼ਾਂ ਨੂੰ ਉਡਾਉਣ ਵਿੱਚ ਪਹਿਲਾਂ ਤੋਂ ਹੀ ਮਾਹਿਰ ਸੀ । (वह जहाज़ों को उड़ाने में पहले से ही माहिर थी।)
  18. ਅੱਜ ਵੀ ਉਹ ਸਾਰਿਆਂ ਦੇ ਦਿਲਾਂ ਤੇ ਰਾਜ ਕਰਦੀ ਹੈ । (आज भी वह सभी के दिलों पर राज करती है।)

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