पाठ 18 अन्तरिक्ष-परी: कल्पना चावला (कक्षा 8 वीं )

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 पाठ 18 अन्तरिक्ष-परी: कल्पना चावला

अभ्यास हल सहित

1. नीचे गुरुमुखी और देवनागरी लिपि में दिये गये शब्दों को पढ़ें और हिंदी शब्दों को लिखने का अभ्यास करें:

ਆਤਮਵਿਸ਼ਵਾਸ = आत्मविश्वास           ਵਿਦੇਸ਼ =  विदेश

ਸਫਲਤਾ = सफलता                    ਅਮਰੀਕਾ = अमेरिका      

ਸਕੂਲ = स्कूल                       ਤਕਨੀਕੀ = तकनीकी

ਸ਼ੁਰੂ = शुरू                           ਪ੍ਰਯੋਗਸ਼ਾਲਾ = प्रयोगशाला

ਵਿਸ਼ਾ = विषय                        ਵਿਅਕਤੀ = व्यक्ति

ਮਿੱਤਰ = मित्र                        ਅਧਿਕਾਰੀ  = अधिकारी

2. नीचे एक ही अर्थ के लिए पंजाबी और हिन्दी भाषा में शब्द दिये गये हैं। इन्हें ध्यान से पढ़े और हिन्दी शब्दों को लिखे:

ਜਮਾਤ = कक्षा                        ਬਾਕੀ = शेष

ਵਿਆਹ  = विवाह                      ਉਡੀਕ = प्रतीक्षा

ਬੁਲਾਉਣਾ = निमंत्रण                    ਸਿਖਲਾਈ = प्रशिक्षण

ਮੌਕਾ = अवसर                        ਮਿਹਨਤ = परिश्रम


3. शब्दार्थ:

स्नातक    = विश्वविद्यालय की उपाधि  

स्नातकोत्तर = स्नातक की डिग्री के ऊपर की उपाधि

प्रवृत्ति      = मन का झुकाव

बरबस     = जबरदस्ती

इंजीनियरिंग = इंजीनियर की पढ़ाई

अंतरिक्ष    = आकाश

उपाध्यक्ष   = संस्था, समिति में अध्यक्ष का सहायक

अदम्य     = प्रबल, प्रचंड, जो दबाया न जा सके

4. इन प्रश्नों के उत्तर एक या दो वाक्यों में लिखें:

(क) सपने कैसे पूरे होते हैं?

उत्तर- सपने अनथक परिश्रम, दृढ़ निश्चय, आत्मविश्वास तथा एकाग्रता से पूरे होते हैं।

(ख) बचपन से ही कल्पना चावला का क्या सपना था?

उत्तर- बचपन से ही कल्पना चावला उड़ते हुए विमानों को देखकर आसमान की सैर करने का सपना देखा करती थी।

(ग) कल्पना चावला का जन्म कब और कहाँ हुआ?

उत्तर- कल्पना चावला का जन्म 1 जुलाई 1961 में हरियाणा राज्य के करनाल शहर में एक मध्यवर्गीय परिवार में हुआ।

(घ) कल्पना का विवाह कब और किससे हुआ

उत्तर- कल्पना का विवाह सन् 1983 में जीन पियरे हैरिसन नाम अमेरिकी के साथ हुआ था।

(ङ) कल्पना की प्रारम्भिक शिक्षा कहाँ पूरी हुई?

उत्तर- कल्पना की प्रारम्भिक शिक्षा उसके घर के पास स्थित टैगोर बाल निकेतन स्कूल में हुई थी तथा बाद में इसकी इंजनियरिंग की शिक्षा चण्डीगढ़ में हुई ।

5. इन प्रश्नों के उत्तर चार या पाँच वाक्यों में लिखें:

(क) कल्पना चावला का सपना कब और कैसे पूरा हुआ?

उत्तर- कल्पना चावला बचपन से ही आसमान की सैर करने का सपना देखा करती थी। अपने लक्ष्य प्राप्त करने के लिये वह अमेरिका चली गई। वहाँ उसने अपनी पढ़ाई पूरी करने के साथ अन्तरिक्ष यात्रा का तकनीकी प्रशिक्षण भी प्राप्त किया। फिर 19 नवम्बर 1997 को कल्पना ने अपने दल के साथ एस. टी. एस. 87 अन्तरिक्ष यान द्वारा पहली उड़ान भर कर अपना सपना पूरा किया।

(ख) कल्पना की दूसरी अंतरिक्ष यात्रा उसकी जीवन की अंतिम यात्रा बनी? स्पष्ट करें।

उत्तर- कल्पना चावला ने अपनी दूसरी अन्तरिक्ष यात्रा 16 जनवरी 2003 को अन्तरिक्ष यान कोलम्बियासे शुरू की थी। फरवरी 2003 को 16 दिनों के बाद जब यह अमेरिकी अन्तरिक्ष यान लौट रहा। था, तभी पृथ्वी से 63 किलोमीटर की ऊँचाई पर एक बड़े धमाके के साथ टूटकर बिखर गया और इस दुर्घटना में कल्पना चावला अन्तरिक्ष में ही विलीन हो गई ।

(ग) कल्पना चावला के जीवन से आप क्या प्रेरणा लेते हैं?

उत्तर- कल्पना चावला के जीवन से हमें यही प्रेरणा मिलती है कि मनुष्य अपने जीवन में आत्मविश्वास, परिश्रम एवं निष्ठा से कुछ भी प्राप्त कर सकता है भले ही कल्पना चावला इस संसार में नहीं रहीं पर वह संसार के सभी युवाओं के लिए नि:सन्देह प्रेरणा स्रोत बनकर अमर हो गई है।

6. निम्नलिखित साल कल्पना चावला के जीवन में क्यों महत्त्वपूर्ण थे?

साल      महत्त्वपूर्ण क्यों ?

1978 =    सन् 1978 में कल्पना ने प्री-इंजीनियरिंग की परीक्षा पास की थी।

1982 =    सन् 1982 में कल्पना ने पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज चंडीगढ़ से ऐरोनॉटिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री प्राप्त की थी।

1984 =    सन् 1984 में अमेरिका के टैक्सास विश्वविद्यालय से कल्पना ने ऐरोस्पेस इंजीनियरिंग में स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की थी।

1988 =    सन् 1988 में कल्पना ने कोलोरेडो विश्वविद्यालय से ऐरोस्पेस इंजीनियरिंग में पी. एच. डी. की डिग्री प्राप्त की थी ।

1994 =    सन् 1994 में एक दिसम्बर को नासा के एक अधिकारी ने टेलीफोन पर कल्पना को बताया कि वह अन्तरिक्ष यात्री के रूप में चुन ली गई है। 19 नवम्बर 1997 को कल्पना का सपना साकार हुआ।

7. निम्नलिखित शब्दों के वाक्य इस तरह बनायें ताकि अर्थ स्पष्ट हो जायें:

(क) अनुसरणहमें अपने लक्ष्य का अनुसरण आत्मविश्वास तथा एकाग्रता से करना चाहिए।

(ख) एकाग्रता– जो विद्यार्थी एकाग्रता से मन लगा कर पढ़ाई करता है उसे अवश्य सफलता मिलती है।

(ग) आकर्षित– जो लोग बाहरी चकाचौंध से अनायास ही आकर्षित हो जाते हैं वे जीवन में कम ही सफल होते हैं।

(घ) आकांक्षा – मेरी एक लेखक बनने की आकांक्षा आज यह उपन्यास लिखने से साकार हो गई है।

(ङ) नियंत्रित– वहाँ मेले में बड़ी भगदड़ मच गई थी, पर पुलिस ने सारी स्थिति को भली-भांति नियंत्रित करने में सफलता प्राप्त कर ही ली।

(च) नियुक्ति– मेरी नियुक्ति इस महाविद्यालय में एक अध्यापक के रूप में आज ही हुई है।

(छ) परीक्षण– सन् 1997 को कल्पना चावला का अन्तरिक्ष उड़ान का प्रथम परीक्षण सर्वथा सफल रहा।

(ज) परिसर– आज हमारे घर के परिसर में बहुत सारे मेहमान एकत्रित हुए हैं।

8. इन मुहावरे/लोकोक्तियों के अर्थ लिखकर उन्हें वाक्यों में प्रयोग करें:

(क) जहाँ चाह वहाँ राह (इच्छा से ही रास्ता निकलता है) कल्पना ने बचपन में ही आसमान की सैर करने का सपना देखा और पूरा कर लिया इसे कहते हैं जहाँ चाह वहाँ राह।

(ख) दुःख के सागर में डूब जाना (बहुत दु:खी होना) पिता की मौत की खबर सुनकर वह दु:ख के सागर में डूब गया।

(ग) दिलों पर राज करना (अत्यधिक लोकप्रिय होना)- आज भी कल्पना चावला सभी के दिलों पर राज करती है।

(घ) खुशी का ठिकाना न रहना (बहुत खुश होना) आठवीं कक्षा में पास होने पर देव की खुशी का ठिकाना नहीं रहा ।

(ङ) दिल दहला देना (अत्यधिक दुःखी या भयभीत होना) – इतने बड़े शेर को देखकर देव का दिल दहला गया।

9. इन वाक्यों में क्रिया अकर्मक है अथवा सकर्मक:

(क) स्कूल में वह सभी अध्यापकों की चहेती थी।                                  अकर्मक

(ख) आकाश में विमानों को उड़ता देखकर वह उनकी ओर आकर्षित हो जाती थी।                     सकर्मक

(ग) वह स्नातकोत्तर की डिग्री लेने के लिए अमेरिका पहुँच गई।      सकर्मक

(घ) कल्पना ने 19 नवम्बर 1997 को अन्तरिक्ष में अपनी पहली उड़ान भरी।                अकर्मक

(ङ) प्रत्येक मनुष्य सपने देखता है।                           सकर्मक

(च) बड़े होने पर कल्पना ने अपने सपने को साकार कर दिखाया ।   सकर्मक

(छ) नासा ने उसे एक बार फिर अन्तरिक्ष यात्रा के लिए चुना।      सकर्मक

10. निम्नलिखित पंजाबी वाक्यों में हिन्दी में अनुवाद करें :

(क) ਇਹ ਉਸਦਾ ਮਨਪਸੰਦ ਵੀਸ਼ਾ ਸੀ ।  (यह उसका मनपसंद विषय था ।)

(ख) ਉਹ ਆਪਣੇ ਪਰਿਵਾਰ ਵਿੱਚ ਸਭ ਤੋਂ ਛੋਟੀ ਸੀ ।  (वह अपने परिवार में सब से छोटी थी।)

(ग) ਕਲਪਨਾ ਚਾਵਲਾ ਨੂੰ ਸੰਗੀਤ ਬਹੁਤ ਪਸੰਦ ਸੀ।  (कल्पना चावला को संगीत बहुत पसंद था।)

(घ) ਉਹ ਜਹਾਜ਼ਾਂ ਨੂੰ ਉਡਾਉਣ ਵਿੱਚ ਪਹਿਲਾਂ ਤੋਂ ਹੀ ਮਾਹਿਰ ਸੀ । (वह जहाजों को उड़ाने में पहले से ही माहिर थी।)

(ङ)  ਅੱਜ ਵੀ ਉਹ ਸਾਰਿਆਂ ਦੇ ਦਿਲਾਂ ਤੇ ਰਾਜ ਕਰਦੀ ਹੈ ।  (आज भी वह सभी के दिलों पर राज करती है।)

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