पाठ 14: कच्चे रंग (कविता) – गीता डोगरा

पाठ 14: कच्चे रंग (कविता) - गीता डोगरा सप्रसंग व्याख्या पद्यांश 1 खो गया है मेरा गाँव वह पगडंडी देवदार के पेड़ वह जंगल भी जहाँ से गुजरते गुजरते कविता…

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पाठ 13. जुगनू की दस्तक / जीने को कुछ मानी दे (डॉ. चंद्र त्रिखा)

13. जुगनू की दस्तक / जीने को कुछ मानी दे (डॉ. चंद्र त्रिखा) डॉ. चंद्र त्रिखा एक संवेदनशील कवि, सशक्त ग़ज़लकार, प्रबुद्ध शिक्षाविद् तथा स्थापित पत्रकार के रूप में जाने…

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पाठ 12: निर्माण योजना (धर्मवीर भारती)

पाठ 12: निर्माण योजना (धर्मवीर भारती) लेखक का संक्षिप्त साहित्यिक परिचय: धर्मवीर भारती समसामयिक काव्य चेतना के प्रतिनिधि कवि हैं। उनकी कविता में मध्यवर्गीय जीवन की कुंठा, बौद्धिकता और जागरूकता…

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पाठ 11. आदमी का अनुपात और पन्द्रह अगस्त (गिरिजा कुमार माथुर)

11. आदमी का अनुपात और पन्द्रह अगस्त (गिरिजा कुमार माथुर) कवि परिचय एवं कविताओं का संक्षिप्त परिचय कवि गिरिजा कुमार माथुर गहरे आत्म संवेदन तथा आधुनिक अनुभूतियों के कवि हैं।…

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पाठ 10. चलना हमारा काम है और मानव बनो, मानव ज़रा (शिवमंगल सिंह सुमन)

10. चलना हमारा काम है और मानव बनो, मानव ज़रा (शिवमंगल सिंह सुमन) 📚 पाठ सामग्री का संक्षिप्त परिचय श्री शिवमंगल सिंह 'सुमन' को प्रगतिवाद का एक प्रतिनिधि कवि माना…

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पाठ 9. साँप और जो पुल बनायेंगे (सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’) 📜

9. साँप और जो पुल बनायेंगे (सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय') 📜 प्रस्तुत पाठ में प्रयोगवादी कविता के प्रमुख कवि सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' की दो प्रसिद्ध लघु कविताएँ, 'साँप' और…

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पाठ 8. पौधों की पीढ़ियाँ (हरिवंशराय बच्चन) 📝

8. पौधों की पीढ़ियाँ (हरिवंशराय बच्चन) 📝 यह संकलन हरिवंशराय बच्चन की दो महत्वपूर्ण कविताओं, 'पौधों की पीढ़ियाँ' और 'अन्धेरे का दीपक' को प्रस्तुत करता है। 'पौधों की पीढ़ियाँ' उल्लास…

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पाठ 7. दो लड़के, सुख-दुःख (सुमित्रानंदन पंत) 📝

7. दो लड़के, सुख-दुःख (सुमित्रानंदन पंत) 📝 यह पाठ 'प्रकृति-पुत्र' और 'सुकुमार कल्पना के कवि' कहे जाने वाले श्री सुमित्रानंदन पंत जी के जीवन परिचय और उनकी दो कविताओं 'दो…

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पाठ 6. सच्ची मित्रता एवं याचना (जयशंकर प्रसाद)

6. सच्ची मित्रता एवं याचना (जयशंकर प्रसाद) 📖 संक्षिप्त परिचय यह पाठ महान छायावादी कवि जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित है । इसमें प्रसाद जी की दो रचनाएँ 'सच्ची मित्रता' और…

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पाठ 5. सखि, वे मुझसे कहकर जाते (मैथिलीशरण गुप्त)

पाठ 5. सखि, वे मुझसे कहकर जाते (मैथिलीशरण गुप्त) संक्षिप्त परिचय: मैथिलीशरण गुप्त हिंदी साहित्य के द्विवेदी युग के प्रमुख कवि और 'राष्ट्रकवि' हैं। प्रस्तुत कविता उनके प्रसिद्ध खंडकाव्य 'यशोधरा'…

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