दो मित्र और रीछ की कहानी (Do Mitr Aur Bhaloo Ki Kahani)

10k Views
2 Min Read

        दो मित्र और रीछ

               एक गाँव में दो मित्र रहते थे। एक दिन दोनों ने शहर में जाकर काम करने का सोचा। सुबह दोनों शहर को और चल दिए। रास्ते में एक जंगल था। जब दोनों मित्र जंगल के रास्ते से जा रहे थे तभी उन्हें एक रीछ उनकी तरफ आता दिखाई दिया। एक मित्र तो जल्दी से पास के एक पेड़ पर चढ़ गया, लेकिन दूसरे को बचने का कोई रास्ता नहीं मिला क्योंकि उसे पेड़ पर चढ़ना नहीं आता था। तभी उसने कुछ सोचा और वह वहीं ज़मीन पर लेट गया। भालू गुर्राते हुए उसके पास आया और उसके कान के पास कुछ गुर्राने लगा। वह साँस रोके पड़ा रहा। कुछ देर बाद भालू गुर्राता हुआ वहाँ से चला गया। पहला मित्र पेड़ से उतरकर नीचे आया और दूसरे मित्र से पूछने लगा, “भालू तुम्हारे कान के पास ही क्यों गुर्रा रहा था ?” दूसरे मित्र ने बताया “भालू ने मुझसे कह रहा रहा था कि ऐसे स्वार्थी मित्रों से दूर रहना चाहिए, जो संकट के समय तुम्हें अकेला छोड़कर भाग जाते हों ।” तब पहला मित्र बहुत शर्मिंदा हुआ।

शिक्षा – मित्र वही होता है जो मुसीबत में काम आता है।

Share This Article
2 Reviews

Leave a Review

Your email address will not be published. Required fields are marked *