8th भाग-(घ) निबंध लेखन- CWSN प्रश्न बैंक

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भाग : 05 अंकों वाले प्रश्न

(i) निबंध लेखन

  1. प्रातःकाल की सैर

प्रातःकाल की सैर मानव के लिए अत्यंत लाभकारी है। यह किसी भी आयु-वर्ग के लिए करने में सबसे सरल और उपयोगी व्यायाम है। प्रातःकाल के समय प्रदूषण रहित वायु मिलती है जिससे फेफड़ों को ताज़ी हवा मिलती है। प्रातःकाल की सैर करने से शरीर रोग रहित और सुन्दर बनता है। इससे पूरा दिन मन प्रसन्न और शरीर चुस्त रहता है, स्मरण शक्ति का विकास होता है। हरी-हरी घास पर नंगे पाँव चलने से आँखों की रोशनी तेज होती है। हमें प्रातःकाल की सैर अवश्य करनी चाहिए ।

  1. मेरा पंजाब

पंजाब का अर्थ है – पाँच दरियाओं की धरती। यहाँ पाँच नदियाँ – सतलुज, रावी, व्यास, जेहलम और चिनाब बहती थीं लेकिन विभाजन के बाद जेहलम और चिनाब पाकिस्तान में चलीं गईं। आज के पंजाब का क्षेत्रफल लगभग 50,362 वर्ग किलोमीटर है। पंजाब के लोग बहुत मेहनती तथा वीर हैं। कृषि के क्षेत्र में यह प्रदेश देश भर में आगे रहा है। औद्योगिक क्षेत्र में भी पंजाब के नगर अमृतसर, जालन्धर आदि प्रसिद्ध हैं। शिक्षा के क्षेत्र में भी पंजाब ने खूब उन्नति की है। यहाँ अमृतसर में जलियाँवाला बाग है, जहाँ 13 अप्रैल 1919 को अंग्रेज़ों ने निहत्थे लोगों का नरसंहार किया था। इन शहीदों के बलिदान से हमें देशभक्ति की प्रेरणा मिलती है। पंजाब में विश्व प्रसिद्ध गुरुद्वारा हरिमंदिर साहिब अमृतसर में स्थित है। गुरुओं, पीरों, संतों की धरती उन्नति के नए शिखरों को छू रही है। मुझे अपने प्रांत पर गर्व है , ।

  1. दशहरा

दशहरा देश भर में दशमी तिथि को मनाया जाता है। दशहरा के त्योहार को भगवान राम की लंकापति रावण पर विजय के रूप में अथवा धर्म की अधर्म पर, असत्य पर सत्य की विजय के रूप में मनाया जाता है। इससे कई दिन पहले गाँवों तथा नगरों में रामलीला का मंचन होता है जिसमें राम के जीवन से जुड़ी आदर्श झाँकियाँ प्रस्तुत की जाती हैं। दशमी के दिन खुले मैदानों में रावण, मेघनाद तथा कुम्भकर्ण के बड़े-बड़े पुतले स्थापित करके उन्हें शाम को जलाया जाता है। फिर लोग मेले का आनन्द लेते हैं। यह त्योहार धर्म की अधर्म पर और अच्छाई की बुराई पर विजय का प्रतीक है ।

  1. शहीद भगत सिंह

देश की स्वतंत्रता के लिए शहीद होने वालों में सरदार भगत सिंह का नाम प्रमुख है। भगत सिंह का जन्म 28 सितम्बर 1907 को ज़िला लायलपुर के (अब पाकिस्तान में) गाँव बंगा में हुआ। आपका पैतृक गाँव नवांशहर के निकट खटकड़कलां है। आपकी प्राथमिक शिक्षा गाँव में ही हुई। फिर आपने लाहौर के डी.ए.वी. स्कूल में मैट्रिक पास की। देशभक्ति और क्रांति के संस्कार भगतसिंह को विरासत में मिले। भगतसिंह और उसके साथियों ने सन् 1929 में अंग्रेज़ी सरकार की शोषण नीतियों का विरोध करने के लिए केंद्रीय विधान सभा में एक धमाके वाला बम फेंका। उनका मकसद अंग्रेज़ी सरकार की भारत विरोधी नीतियों का विरोध करना था। उन पर मुकद्दमा चला। 17 अक्टूबर 1930 को उन्हें राजगुरु, सुखदेव समेत फाँसी की सज़ा सुनाई गई और उन्हें 23 मार्च 1931 को फाँसी दे दी गई। इस शहीदी से पूरी जनता में चेतना की लहर जाग उठी। आखिर 15 अगस्त 1947 को भारत आज़ाद हुआ। भारतवासी सदा इनके बलिदान को याद रखेंगे और इनके ऋणी रहेंगे ।

  1. श्री गुरु नानक देव जी

सिखों के पहले गुरु श्री गुरु नानक देव जी का जन्म सन् 1469 ई0 में लाहौर के निकट तलवंडी नामक गाँव में हुआ। इनकी माता का नाम तृप्ता देवी तथा पिता जी का नाम मेहता कालू था। इनकी पत्नी का नाम माता सुलखनी था। इनके श्रीचन्द और लक्ष्मी चन्द दो पुत्र हुए। आप बचपन से ही प्रभु-भक्ति में लीन रहते थे। एक बाद उनके पिता जी ने उन्हें बीस रुपए देकर सच्चा सौदा करने को कहा। वे मार्ग में भूखे साधुओं को भोजन करा आए और खाली हाथ लौट आए। उन्होंने भाई मर्दाना जी के साथ देश-विदेश की यात्राएं की और घूम-घूम कर लोगों को उपदेश दिया। उन्होंने नाम स्मरण पर बल दिया। इनकी वाणी श्री गुरु ग्रन्थ साहिब में दर्ज है। अन्त में आप करतारपुर आ गए और मेहनत करो, बाँटकर खाओ का उपदेश दिया। उनके उपदेश सारी मानव जाति के लिए हैं। 1539 ई0 में ईश्वर भजन करते हुए गुरु जी ज्योति-जोत समा गये ।

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