नए स्कूल में मेरा पहला दिन (कक्षा नौवीं)

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नए स्कूल में मेरा पहला दिन

               मैं नौवीं कक्षा का छात्र हूँ । मैंने इसी साल नए स्कूल में प्रवेश लिया है । इस स्कूल में पढ़ते हुए मुझे चार महीने हो गये हैं किंतु मुझे आज भी इस स्कूल में मेरा पहला दिन अच्छी तरह याद है। मेरे लिये यह दिन बड़ा ही यादगार व रोमांचकारी था। मेरे पिता जी ने मुझे नयी किताबें, कॉपियाँ और बैग खरीदकर दिया। मैं बस में बैठकर स्कूल पहुँच गया । मैं पहली बार बस से स्कूल में गया । मुझे बहुत अच्छा लगा। स्कूल पहुँचते ही हम कक्षा अध्यापक के साथ सुबह की प्रार्थना सभा में आ गए। वहाँ प्रिंसिपल ने नये विद्यार्थियों का स्वागत किया। उन्होंने हमें जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरणादायक बातें बतायीं । इसके बाद स्कूल के पुराने विद्यार्थियों ने नौवीं कक्षा में नए प्रवेश पाने वाले विद्यार्थियों का एक-एक पेन देकर स्वागत किया। उन्होंने हमें प्रयोगशालाएँ, पुस्तकालय, कम्प्यूटर का कमरा, स्टाफ रूम, कैंटीन, मेडीकल रूम आदि भी दिखाए। आधी छुट्टी के समय मेरे कुछ नए मित्र बन गये । हम सभी ने मिलकर भोजन किया। खेल के पीरियड में मैंने फुटबॉल खेली। समय होने पर जब पूरी छुट्टी हुई तो हम पंक्तियों में बस में जा बैठे और हँसते-हँसते बातें करते घर आ गये । सचमुच, मैं आज भी वह दिन याद करके भाव विभोर हो जाता हूँ।

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