भाग–ख : लघूत्तर प्रश्न
(i) एक या दो वाक्यों में उत्तर दीजिए
निर्देश: निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक या दो वाक्यों में लिखें:
- नन्ही चींटी की क्या विशेषता है? ‘हिम्मत करने वालों की हार नहीं होती’ पाठ के आधार पर लिखें।
उत्तर: नन्ही चींटी दीवार पर चढ़ते समय कई बार गिरती है। वह तब तक अपना प्रयास जारी रखती है, जब तक वह सफल नहीं हो जाती ।
- शेर को पिंजरे से बाहर निकालने वाला किशोर बड़ा होकर किस नाम से प्रसिद्ध हुआ? ‘पिंजरे का शेर’ पाठ के आधार पर लिखें।
उत्तर : शेर को पिंजरे से बाहर निकालने वाला किशोर बड़ा होकर चंद्रगुप्त मौर्य नाम से प्रसिद्ध हुआ।
- गाड़ी की प्रतीक्षा करते समय कौन से रंग की पट्टी से आगे नहीं जाना चाहिए? ‘मैट्रो रेल का सुहाना सफर’ पाठ के आधार पर लिखें।
उत्तर : गाड़ी की प्रतीक्षा करते समय पीले रंग की पट्टी से आगे नहीं जाना चाहिए ।
- ‘नील गगन का नीलू’ पाठ के आधार पर नीलू का पूरा नाम क्या था?
उत्तर : ‘नील गगन का नीलू’ पाठ के आधार पर नीलू का पूरा नाम अनिल शर्मा था ।
- ‘नवयुवकों के प्रति’ कविता के आधार पर नवयुवकों को संयम और असंयम में से कौन सा मार्ग चुनना चाहिए?
उत्तर : नवयुवकों के प्रति कविता के आधार पर नवयुवकों को संयम और असंयम में से संयम का मार्ग चुनना चाहिए ।
- जीवन में मुश्किलों से पार कौन लोग जा सकते हैं? ‘मन के जीते जीत’ पाठ के आधार पर लिखें।
उत्तर : जो जीवन में मुश्किलों का सामना करते हुए साहस के साथ आगे बढ़ते जाते हैं, वही लोग जीवन में मुश्किलों से पार जा सकते हैं ।
- नमाज़ खत्म होने पर लोग क्या करते हैं? ‘ईदगाह’ पाठ के आधार पर लिखें।
उत्तर : नमाज़ खत्म होने पर लोग एक दूसरे से गले मिलते हैं ।
- हामिद ने अपनी दादी के लिए चिमटा क्यों खरीदा? ‘ईदगाह’ पाठ के आधार पर लिखें।
उत्तर : हामिद ने अपनी दादी के लिए चिमटा इसलिए खरीदा क्योंकि रोटी बनाते समय उसकी दादी की हाथ की उँगलियाँ जल जाती थीं ।
- हामिद हिंडोले में क्यों नहीं चढ़ता? ‘ईदगाह’ पाठ के आधार पर लिखें।
उत्तर : क्योंकि उसके पास कुल तीन ही पैसे थे। वह उनका एक तिहाई भाग बेकार में ही नहीं खर्च करना चाहता था ।
- साइंस सिटी का पूरा नाम क्या है? ‘ज्ञान और मनोरंजन का घर : साइंस सिटी’ पाठ के आधार पर उत्तर दीजिए।
उत्तर : साइंस सिटी का पूरा नाम ‘पुष्पा गुजराल साइंस सिटी’ है ।
- ‘पुष्पा गुजराल साइंस सिटी’ किसके नाम पर रखा गया है?
उत्तर : भारत के पूर्व प्रधानमंत्री श्री इंद्रकुमार गुजराल जी की माता श्रीमती पुष्पा गुजराल जी के नाम पर रखा गया है ।
- दुःख और सुख में माँ की क्या भूमिका होती है? ‘माँ’ कविता के आधार पर उत्तर दीजिए।
उत्तर : माँ दुःख को खुशी से अपने ऊपर ले लेती है और खुद दुःख सहकर भी सबको सुख देती है ।
- कपोतराज चित्रग्रीव ने कबूतरों को क्या सलाह दी? ‘सहयोग’ पाठ के आधार पर उत्तर दीजिए।
उत्तर : कपोतराज चित्रग्रीव ने कबूतरों को सलाह दी कि अगर हम मिलजुलकर ज़ोर लगायेंगे तो जाल को लेकर उड़ जायेंगे ।
- हमें अपने सहपाठियों से कैसा व्यवहार करना चाहिए। ‘सहयोग’ पाठ के आधार पर उत्तर दीजिए।
उत्तर : हमें अपने सहपाठियों से मिलजुलकर रहना चाहिए और समय पड़ने पर उनकी मदद करनी चाहिए ।
- हमें अपने पड़ोसियों से कैसा व्यवहार करना चाहिए। ‘सहयोग’ पाठ के आधार पर उत्तर दीजिए।
उत्तर : हमें अपने पड़ोसियों से मिलजुलकर रहना चाहिए। सुख-दुःख में उनकी मदद करनी चाहिए ।
- वाघा गाँव के बारे में आप क्या जानते हैं? ‘वाघा बार्डर’ पाठ के आधार पर उत्तर दीजिए। उत्तर : यह भारत तथा पाक दो देशों को आपस में जोड़ता है। यह अमृतसर से 33 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है ।
- वाघा बार्डर के दोनों ओर कौन–कौन से प्रसिद्ध नगर हैं? ‘वाघा बार्डर’ पाठ के आधार पर उत्तर दीजिए।
उत्तर : अमृतसर तथा लाहौर वाघा बार्डर के दोनों ओर प्रसिद्ध नगर हैं ।
- बी.एस. एफ के जवान कौन–कौन से नारे लगाते हैं? ‘वाघा बार्डर’ पाठ के आधार पर उत्तर दीजिए।
उत्तर : वन्दे मातरम्, भारत माता की जय और हिन्दुस्तान ज़िंदाबाद के नारे लगाते हैं ।
- बिना सोचे विचारे काम करने से क्या दशा होती है? ‘गिरिधर की कुंडलियाँ’ कविता के आधार पर उत्तर दीजिए।
उत्तर : काम बिगड़ जाता है और जग में हँसी होती है और आदमी को पछताना पड़ता है ।
- पृथ्वी पर जीवन का मूल आधार क्या है? ‘मेरा दम घुटता है’ पाठ के आधार पर उत्तर दीजिए।
उत्तर : पृथ्वी पर जीवन का मूल आधार ऑक्सीजन है ।
- वायु प्रदूषण से कौन से रोग हो जाते हैं? ‘मेरा दम घुटता है’ पाठ के आधार पर उत्तर दीजिए।
उत्तर : वायु प्रदूषण से दमा, खाँसी, फेफड़ों, त्वचा तथा साँस के रोग हो जाते हैं ।
- कल्पना चावला का जन्म कब हुआ? ‘अन्तरिक्ष परी: कल्पना चावला’ पाठ के आधार पर उत्तर दीजिए।
उत्तर : कल्पना चावला का जन्म 01.07.1961 को हुआ ।
- कल्पना चावला का जन्म कहाँ हुआ? ‘अन्तरिक्ष परी: कल्पना चावला’ पाठ के आधार पर उत्तर दीजिए।
उत्तर : कल्पना चावला का जन्म करनाल शहर में हुआ ।
- भगतसिंह, राजगुरु एवं सुखदेव के प्रिय नारे कौन से थे? ‘सरफ़रोशी की तमन्ना’ पाठ के आधार पर उत्तर दीजिए।
उत्तर : भारत माता की जय, इन्कलाब ज़िंदाबाद और साम्राज्यवाद का नाश हो ।
(ii) निम्नलिखित पद्यांशों का सरलार्थ करें
पाठ-1: हिम्मत करने वालों की कभी हार नहीं होती
असफलता एक चुनौती है, स्वीकार करो
क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो
जब तक ना सफल हो, नींद चैन को त्यागो तुम
संघर्ष करो मैदान छोड़कर मत भागो तुम
कुछ किए बिना ही जय-जयकार नहीं होती
हिम्मत करने वालों की कभी हार नहीं होती
सरलार्थ: कवि के अनुसार असफलता को जीवन में चुनौती की तरह लेना चाहिए। सफलता की राह में चलते हुए जो कमियाँ रह जायें उन्हें पहचानें और सुधारें। सफलता पाने तक नींद और चैन छोड़ देने चाहिए। संघर्ष की राह पर लगातार बढ़ते रहना चाहिए। बिना कुछ किए विजय नहीं मिलती, यश नहीं मिलता। हिम्मत करने वालों की कभी भी हार नहीं होती , ।
पाठ-4: राखी की चुनौती
मुझे गर्व है किन्तु राखी है सूनी,
वह होता तो खुशी तो क्या होती ना दूनी।
हम मंगल मनावें, वह तपता है धूनी
है घायल हृदय, दर्द उठता है खूनी
सरलार्थ: कवयित्री के अनुसार राखी के पावन अवसर पर बहन भाई को राखी बाँधने की कामना करती है लेकिन राखी बंधवाने के लिए उसका भाई उसके पास नहीं है। पर उसे अपने भाई पर गर्व है, राखी चाहे सूनी पड़ी है। बहन कहती है कि वह अगर मेरे पास होता तो मेरी खुशी दोगुनी हो जाती। हम मंगल पर्व मना रहे हैं और उसका भाई देश की आज़ादी के लिए जेल में है। यह सोचकर दुःख-दर्द से उसका मन वेदना से भर रहा है ।
आते हो भाई ? पुनः पूछती हूँ
विषमता के बन्धन की है लाज तुमको
तो बन्दी बनो देखो बंधन है कैसा
चुनौती यह राखी की है आज तुमको
सरलार्थ: कवयित्री के अनुसार राखी के पावन अवसर पर बहन देश के नौजवानों को देश की आज़ादी के लिए आगे बढ़ने के लिए कहती है। वह नौजवानों को कहती है कि भेदभाव के बंधनों को तोड़कर राखी के बंधन में बंधकर देश की रक्षा के लिए वचन लेना चाहती है ।
पाठ-7: नवयुवकों के प्रति
हे नवयुवाओ ! देश भर की दृष्टि तुम पर ही लगी
है मनुज जीवन की तुम्ही में ज्योति सबसे जगमगी
दोगे ना तुम तो कौन देगा योग देशोद्धार में
देखो, कहाँ क्या हो रहा है आजकल संसार में
सरलार्थ: कवि नौजवानों को कहता है कि आज सारा देश तुम्हारी ओर देख रहा है। सब तुम्हीं पर आस लगाए बैठे हैं। तुमसे ही मानव जीवन की ज्योति प्रकाशित है। अगर तुम देश के विकास में योगदान नहीं दोगे तो कौन देगा? कवि आगे कहता है कि नौजवानों को अपने आस-पास दुनिया में होने वाली सभी घटनाओं की खबर होनी चाहिए। इससे देश को नई दिशा मिल सकती है , ।
पाठ-13: माँ
जब हर विपदा को हराती माँ
तब हिमालय बन जाती माँ
साहस उसका हथियार है
ऊर्जा उसमें अपार है।
सरलार्थ: कवयित्री के अनुसार जब माँ जीवन में आने वाली मुसीबतों को हरा देती है तो उसका रूप हिमालय जैसा बन जाता है। माँ मुसीबतों से डरती नहीं क्योंकि साहस उसका हथियार है और उसमें जीवन में संघर्ष करने और मुसीबतों का सामना करने की अपार शक्ति होती है ।
जब आगे बढ़ने का गीत सुनाती माँ
तब नदी बन जाती माँ
मर्यादित रहना उसका व्यवहार है
सहनशीलता उसका उपहार है।
सरलार्थ: कवयित्री के अनुसार जब माँ अपनी संतान को आगे बढ़ने का संदेश देती है तो वह नदी के समान लगती है। वह नदी के समान सदैव आगे की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। मर्यादा उसके व्यवहार में दिखाई देती है और भगवान ने सहनशीलता उसे उपहार के रूप में दी है ।
पाठ-16: गिरिधर की कुंडलियाँ
साईं सब संसार में ; मतलब का व्यवहार
जब लगि पैसा गाँठ में ; तब लगि ताको यार।
तब लगि ताको यार ; यार संग ही संग डोले ।
पैसा रहा न पास ; यार मुख से नहिं बोले
कह गिरिधर कविराय ; जगत यहि लेखा भाई
करत बेगरज़ी प्रीति ; यार बिरला कोइ साईं।
सरलार्थ: कवि के अनुसार इस संसार में मतलब का बोलबाला है। जब तक अपना मतलब सिद्ध होता है, लोग तब तक मित्रता निभाते हैं। पैसे वालों से अनेक ढंगों से मित्रता निभाई जाती है। जब पैसा नहीं रहता तो वे बोलना भी छोड़ देते हैं। गिरिधर जी आगे कहते हैं कि जगत का बस ऐसा ही व्यवहार है। बिना मतलब के सच्चा प्रेम करने वाला इस दुनिया में कोई विरला ही मिलता है , ।
पाठ-19: होंगे कामयाब
होगी शांति चारों ओर, होगी शांति चारों ओर
होगी शांति चारों ओर एक दिन
हो-हो मन में है विश्वास, पूरा है विश्वास
होगी शांति चारों ओर एक दिन
सरलार्थ: कवि आशावादी है और उसके अनुसार एक दिन चारों ओर शांति होगी। उसे इस बात का पूरा विश्वास है कि इस संसार में हर ओर
शांति ज़रूर होगी ।
नहीं डर किसी का आज
नहीं डर किसी का आज
नहीं डर किसी का आज के दिन
हो-हो मन में है विश्वास,
पूरा है विश्वास
पूरा है विश्वास
नहीं डर किसी का आज के दिन
सरलार्थ: कवि के अनुसार हमें आज किसी बात का डर नहीं है। आज हमें निडर होकर रहना है। उसे इस बात का पूरा विश्वास है कि अब
हमारे जीवन में किसी बात का डर नहीं है ।
हम चलेंगे साथ-साथ, डाल हाथों में हाथ
हम चलेंगे साथ-साथ एक दिन
हो-हो मन में है विश्वास, पूरा है विश्वास
हम चलेंगे साथ-साथ एक दिन
सरलार्थ: कवि कहता है कि हम सब आपस में सहयोग की भावना के साथ रहेंगे। एक दूसरे के सुख-दुःख के साथी बनेंगे। हमारे मन में इस बात का पूरा भरोसा है कि आपस में हम मिलजुलकर रहेंगे और एकजुट होकर रहेंगे ।
(iii) विराम चिह्न
निर्देश: निम्नलिखित वाक्यों में उचित विराम चिह्न लगायें :
- बच्चो आप सब कैसे हो
उत्तर : बच्चो ! आप सब कैसे हो ?
- क्या आपको इसका पूरा नाम पता है
उत्तर : क्या आपको इसका पूरा नाम पता है ?
- हाँ सावधानी ज़रूर रखनी होगी
उत्तर : हाँ ! सावधानी ज़रूर रखनी होगी।
- ओ शरारती वहाँ इस तरह की फ़िल्में नहीं होती
उत्तर : ओ शरारती ! वहाँ इस तरह की फ़िल्में नहीं होती।
- दीपशिखा पढ़ाई के साथ साथ संगीत खेलकूद ज्ञान विज्ञान में सब से आगे रहती थी
उत्तर : दीपशिखा पढ़ाई के साथ-साथ संगीत, खेलकूद, ज्ञान-विज्ञान में सब से आगे रहती थी।
- हाँ यही ठीक रहेगा
उत्तर : हाँ ! यही ठीक रहेगा।
- किशोर ने सिर झुकाकर कहा शेर पिंजरे से बाहर आ गया है
उत्तर : किशोर ने सिर झुकाकर कहा, “शेर पिंजरे से बाहर आ गया है।”
- शेर को बाहर कौन निकाल सकता है
उत्तर : शेर को बाहर कौन निकाल सकता है ?