भाग–ग : 04 अंकों वाले निबंधात्मक प्रश्न
(निर्देश: निम्नलिखित निबंधात्मक प्रश्नों के उत्तर तीन या चार वाक्यों में दें)
- ‘चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना न अखरता है’ यह काव्य पंक्ति ‘हिम्मत करने वालों की हार नहीं होती’ कविता में कवि ने किसके लिए कही गयी है और क्यों?
उत्तर : यह पंक्ति कवि ने चींटी के लिए कही है। वह दीवार पर चढ़ते हुए अर्थात अपनी मंज़िल की ओर बढ़ते हुए बार-बार गिरती है। लेकिन मन का विश्वास उसके इरादों को डिगने नहीं देता।
- टोकन किसे कहते हैं? ‘मैट्रो रेल का सुहाना सफर’ पाठ के आधार पर उत्तर दीजिए।
उत्तर : यह टिकट की तरह एक यात्रा के लिए प्रति यात्री को दिया जाता है। यह प्रवेश द्वार के साथ लगी मशीन के पास लाने पर उसे खोलने का काम करता है।
- स्मार्ट कार्ड किसे कहते हैं? ‘मैट्रो रेल का सुहाना सफर’ पाठ के आधार पर उत्तर दीजिए।
उत्तर : यह प्रतिदिन यात्रा करने वाले यात्रियों को दिया जाता है, जिससे वे रोज़ टिकट या टोकन खरीदने से बच जाते हैं और यात्रा के अनुसार किराया आपके बैंक खाते से कट जाता है।
- पर्यटक कार्ड किसे कहते हैं? ‘मैट्रो रेल का सुहाना सफर’ पाठ के आधार पर उत्तर दीजिए।
उत्तर : यह पर्यटक की सुविधा के लिए दिया जाने वाला कार्ड है। यह एक से तीन दिन तक की मैट्रो रेल की यात्रा के लिए दिया जाता है।
- ‘प्रेरणा’ पाठ में लेखिका ने बच्चों को पढ़ाई का क्या महत्व बताया?
उत्तर : लेखिका ने बच्चों को समझाया कि अगर वे नहीं पढ़ेंगे तो उनका बचपन, जवानी व बुढ़ापा इसी तरह कठिनाइयों से भरा रहेगा जबकि पढ़ाई से उनका जीवन सरल हो जायेगा।
- किन घटनाओं से पता चलता है कि अनिल शर्मा असाधारण प्रतिभा के धनी थे। ‘नील गगन का नीलू’ पाठ के आधार पर लिखें।
उत्तर : बाल हठ के कारण केवल चार साल की आयु में ही पहली कक्षा में इनका दाखिला करवाया गया। केवल 14 वर्ष की आयु में विशेष अनुमति द्वारा दसवीं की परीक्षा पास की। 1987 में सी.डी.एस. की परीक्षा में चंडीगढ़ से अकेले सफल हुए।
- थामस एडीसन को ध्वनि सम्बन्धी आविष्कारों से लोग क्यों हैरान हो जाते थे? ‘मन के जीते जीत’ पाठ के आधार पर लिखें।
उत्तर : थामस एडीसन के ध्वनि सम्बन्धी आविष्कार जैसे- माइक्रोफोन, फोनोग्राफ आदि से लोग हैरान हो जाते थे कि जो स्वयं पूरी तरह सुन नहीं सकता, वह ध्वनि के हर पहलू को बखूबी कैसे समझ लेता है।
- जीवन में पानी की क्या आवश्यकता है? ‘रब्बा मींह दे पानी दे’ कविता के आधार पर लिखें।
उत्तर : पानी जीवन का आधार है। इसी से जीवन चलता है। इसी से अनाज एवं वनस्पतियाँ पैदा होती हैं। इससे गर्मी और लू से बचा जा सकता है। पानी के बिना जीवन संभव नहीं है।
- हामिद का चिमटा ‘रुस्तमे हिंद’ कैसे है? ‘ईदगाह’ कहानी के आधार पर उत्तर दीजिए।
उत्तर : हामिद का चिमटा ‘रुस्तमे हिंद’ इसलिए है क्योंकि वह बड़ा तेज़ है। उसके साथियों के बने मिट्टी के बने वकील, भिश्ती और सिपाही चिमटे की एक चोट से टूट जायें। वह रोटियाँ सेंकने के लिए बार-बार आग में कूद सकता है।
- धरती के रूप में माँ क्या करती है? ‘माँ’ कविता के आधार पर उत्तर दीजिए।
उत्तर : धरती के रूप में माँ बिना किसी लालच के सेवा करती है। माँ धरती की तरह सदा देती ही रहती है। सब का भला करती है और उसके बदले कुछ नहीं चाहती।
- माँ की दुआओं और प्रोत्साहन से क्या होता है? ‘माँ’ कविता के आधार पर उत्तर दीजिए।
उत्तर : माँ की दुआओं से चमत्कार तथा प्रोत्साहन से हर क्षेत्र में जीत मिलती है। उसकी दुआओं से दुनिया की हर खुशी मिलती है।
- बार्डर पर झंडा उतारने की रस्म कैसे सम्पन्न होती है। ‘वाघा बार्डर’ पाठ के आधार पर उत्तर दीजिए।
उत्तर : बार्डर पर शाम को साढ़े पाँच बजे झंडा उतारने की रस्म शुरू होती है। दोनों देशों के लोहे के गेट खोले जाते हैं। अपने अपने देश की जय के नारे लगते हैं। दोनों देशों के सैनिक मार्च पास्ट करते हुए और गले मिलते हुए झंडा उतारने की रस्म पूरी करते हैं और गेट बंद कर देते हैं।
- ज़हरीली गैसों के स्रोत कौन–कौन से हैं? ‘मेरा दम घुटता है’ पाठ के आधार पर उत्तर दीजिए।
उत्तर : बस, स्कूटर और कारों और कारखानों की चिमनियों से निकलने वाला ज़हरीला धुआँ, फ्रिज और ए.सी से निकलने वाली रासायनिक गैसें ज़हरीली गैसों के स्रोत हैं।
- कल्पना चावला के जीवन से आपको क्या प्रेरणा मिलती है? ‘अन्तरिक्ष परी: कल्पना चावला’ पाठ के आधार पर उत्तर दीजिए।
उत्तर : कल्पना चावला के जीवन से हमें यह प्रेरणा मिलती है कि सपने केवल सोचने से ही सच नहीं होते। उन्हें पूरा करने के लिए मन में पक्का इरादा तथा आत्मविश्वास होना चाहिए तथा कठिन मेहनत करनी चाहिए।
- क्रांतिकारियों ने साइमन कमीशन का विरोध किस प्रकार किया? ‘सरफ़रोशी की तमन्ना’ पाठ के आधार पर उत्तर दीजिए।
उत्तर : भारत आने पर साइमन कमीशन का विरोध भगतसिंह व उसके साथियों ने लाला लाजपतराय के नेतृत्व में जलूस निकालकर किया। उन्होंने काली झंडियाँ हाथों में लेकर ‘साइमन कमीशन वापिस जाओ’ के नारे लगाये।